संरचनात्मक सुधार और बुनियादी ढांचा विकास: भारत के अगले आर्थिक विकास चरण की नींव
भारत 4.1 ट्रिलियन डॉलर के नॉमिनल GDP के आंकड़े को पार कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यह वृद्धि 'Reform Express 2025' के तहत संरचनात्मक सुधारों की एक श्रृंखला के कारण है, जो व्यापार करने में आसानी, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित है। प्रमुख पहलों में National Single Window System, PM GatiShakti और हजारों कानूनी प्रावधानों का decriminalization शामिल है। सरकार Oilfields Amendment Act और एक विशाल Nuclear Energy Mission के माध्यम से ऊर्जा स्वतंत्रता पर भी जोर दे रही है। इन सुधारों का उद्देश्य एक पूर्वानुमेय नियामक वातावरण बनाना, निजी निवेश को आकर्षित करना और नए समुद्री और शिपिंग कानूनों के माध्यम से logistics का आधुनिकीकरण करना है।
मुख्य बिंदु
- Trade Connect ePlatform जैसे डिजिटल उपकरणों द्वारा समर्थित, 2024-25 में भारत का कुल निर्यात 825.25 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
- बुनियादी ढांचा योजना को सुव्यवस्थित करने के लिए PM GatiShakti National Master Plan को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया गया है।
- महत्वपूर्ण विधायी परिवर्तनों में समुद्री व्यापार को आधुनिक बनाने के लिए Indian Ports Act 2025 और Merchant Shipping Act 2025 शामिल हैं।
- सरकार का लक्ष्य 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता तक पहुंचना है, जिसे Budget 2025 में ₹20,000 करोड़ के परिव्यय का समर्थन प्राप्त है।
- सुधार 4,458 कानूनी प्रावधानों को गैर-अपराधीकृत करके और 47,000 से अधिक अनुपालन आवश्यकताओं को कम करके 'विश्वास-आधारित शासन' पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
परीक्षा तथ्य
- भारत का नॉमिनल GDP 4.1 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया, जिससे यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई।
- Budget 2025 ने ₹20,000 करोड़ के परिव्यय के साथ एक Nuclear Energy Mission निर्धारित किया।
- Global Innovation Index में भारत का स्थान 139 अर्थव्यवस्थाओं में 38वें स्थान पर पहुंच गया।
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