वैज्ञानिकों ने कैलोरी जलाने के लिए माइटोकॉन्ड्रियल ऊर्जा उत्पादन को लक्षित करने वाली प्रायोगिक मोटापा दवाएं विकसित कीं

University of Technology Sydney के शोधकर्ताओं ने 'mitochondrial uncouplers' नामक प्रायोगिक दवाएं विकसित की हैं जो कोशिका की ऊर्जा उत्पादन प्रक्रिया को लक्षित करती हैं। ये अणु कोशिकाओं को ऊर्जा को कम कुशलता से जलाने के लिए मजबूर करते हैं, जिससे ईंधन ATP (रासायनिक ऊर्जा) में परिवर्तित होने के बजाय गर्मी के रूप में निकलता है। यह प्रक्रिया कोशिकाओं को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिक वसा का उपभोग करने के लिए मजबूर करती है, जो मोटापे के लिए एक संभावित नया उपचार प्रदान करती है। ऐसे यौगिकों के पुराने, घातक संस्करणों के विपरीत, ये नए 'हल्के' अनकप्लर्स सुरक्षित होने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जो ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं और संभावित रूप से मेटाबॉलिक स्वास्थ्य और डिमेंशिया जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के लिए लाभ प्रदान करते हैं।

मुख्य बिंदु

  • Mitochondrial uncouplers ATP के उत्पादन को बाधित करते हैं, जिससे कोशिकाएं ऊर्जा के लिए अधिक वसा जलाने लगती हैं।
  • शोध इन यौगिकों के पहले के संस्करणों से जुड़े घातक ओवरहीटिंग से बचने के लिए 'हल्के' अनकप्लर्स पर केंद्रित है।
  • ये दवाएं संभावित रूप से मोटापे का इलाज कर सकती हैं, मेटाबॉलिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकती हैं और एंटी-एजिंग प्रभाव प्रदान कर सकती हैं।
  • यह अध्ययन 'Chemical Science' जर्नल में प्रकाशित हुआ था।

परीक्षा तथ्य

  • माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका के 'पावरहाउस' के रूप में जाना जाता है, जो भोजन को ATP (adenosine triphosphate) में परिवर्तित करते हैं।
  • शोध का नेतृत्व University of Technology Sydney में ट्रिस्टन रॉलिंग (Tristan Rawling) ने किया था।

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