NASA का MAVEN मंगल ऑर्बिटर से संपर्क टूटा; इंजीनियर संचार फिर से स्थापित करने में जुटे
NASA का अपने मार्स एटमॉस्फियर एंड वोलेटाइल इवोल्यूशन (MAVEN) अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट गया है, जो 2014 से मंगल की परिक्रमा कर रहा है। MAVEN का प्राथमिक मिशन यह अध्ययन करना है कि मंगल का वायुमंडल अंतरिक्ष में कैसे विलीन होता है, जिससे वैज्ञानिकों को ग्रह के एक जलीय दुनिया से शुष्क रेगिस्तान में परिवर्तन को समझने में मदद मिलती है। यह यान Curiosity और Perseverance जैसे मंगल रोवर्स के लिए एक महत्वपूर्ण संचार रिले के रूप में भी कार्य करता है। हालिया डेटा से पता चलता है कि अंतरिक्ष यान अप्रत्याशित रूप से घूम रहा होगा या उसकी कक्षा बदल गई होगी। MAVEN 2014 में भारत के मार्स ऑर्बिटर मिशन (Mangalyaan) से कुछ दिन पहले ही मंगल पर पहुंचा था।
मुख्य बिंदु
- MAVEN समय के साथ वायुमंडलीय नुकसान को समझने के लिए मंगल के ऊपरी वायुमंडल और आयनमंडल का अध्ययन करता है।
- अंतरिक्ष यान Curiosity जैसे ग्राउंड रोवर्स से पृथ्वी तक डेटा ट्रांसमिशन के लिए एक महत्वपूर्ण रिले के रूप में कार्य करता है।
- दिसंबर 2024 की शुरुआत में संपर्क टूट गया था, जिसमें अप्रत्याशित रोटेशन और संभावित कक्षीय परिवर्तनों के संकेत मिले थे।
- MAVEN और भारत का मंगलयान (MOM) दोनों सितंबर 2014 में मंगल पर पहुंचे थे, हालांकि दोनों के मिशन लक्ष्य अलग थे।
परीक्षा तथ्य
- MAVEN का अर्थ है Mars Atmosphere and Volatile Evolution।
- सितंबर 2014 में मंगल पर पहुंचा (भारत के मंगलयान से कुछ दिन पहले)।
- मंगलयान (MOM) की लागत ₹450 करोड़ थी जबकि MAVEN की लागत $671 मिलियन थी।
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