दक्षिणी महासागर कार्बन विसंगति (Southern Ocean Carbon Anomaly): नया शोध मौजूदा जलवायु मॉडलों को चुनौती देता है

Nature Climate Change में प्रकाशित हालिया शोध से पता चलता है कि दक्षिणी महासागर जलवायु मॉडलों द्वारा पहले की गई भविष्यवाणी की तुलना में अधिक कार्बन अवशोषित कर रहा है। जबकि मॉडलों ने सुझाव दिया था कि मजबूत पछुआ हवाएं (westerly winds) कार्बन युक्त गहरे पानी को सतह पर लाएंगी और CO2 छोड़ेंगी, टिप्पणियों ने इसके विपरीत दिखाया है। सतह पर ताजे पानी की एक पतली परत, जो बढ़ती बारिश और पिघलती बर्फ के परिणामस्वरूप बनी है, ने स्तरीकरण (stratification) को मजबूत किया है। ताजे, ठंडे पानी का यह 'ढक्कन' सतह से 100-200 मीटर नीचे कार्बन युक्त पानी को फंसा देता है, जिससे इसे वायुमंडल में जाने से रोका जा सकता है और यह जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एक अस्थायी बफर के रूप में कार्य करता है।

मुख्य बिंदु

  • दक्षिणी महासागर विश्व स्तर पर मानव द्वारा उत्सर्जित सभी कार्बन डाइऑक्साइड का लगभग 40% अवशोषित करता है।
  • मौजूदा जलवायु मॉडलों ने भविष्यवाणी की थी कि तेज हवाओं के कारण दक्षिणी महासागर कार्बन का स्रोत बन जाएगा, लेकिन टिप्पणियों से पता चलता है कि यह एक सिंक (sink) बना हुआ है।
  • ताजे पानी की परत के कारण बढ़े हुए स्तरीकरण (stratification) वर्तमान में सतह के नीचे कार्बन युक्त पानी को फंसा रहे हैं।
  • यह अध्ययन जटिल महासागर-वायुमंडल अंतःक्रियाओं और कार्बन चक्रों की भविष्यवाणी करने में वर्तमान जलवायु मॉडलों की सीमाओं पर प्रकाश डालता।

परीक्षा तथ्य

  • दक्षिणी महासागर वैश्विक महासागर क्षेत्र के 25-30% हिस्से को कवर करता है।
  • शोध प्रतिष्ठित पत्रिका Nature Climate Change में प्रकाशित हुआ था।
  • दक्षिणी महासागर मानव द्वारा उत्सर्जित सभी CO2 का 40% अवशोषित करता है।

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