परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी की अनुमति देने के लिए Lok Sabha ने SHANTI Bill 2025 पारित किया

Lok Sabha ने Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India (SHANTI) Bill, 2025 पारित कर दिया है। यह ऐतिहासिक कानून परमाणु ऊर्जा उत्पादन में घरेलू और विदेशी दोनों निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखता है। यह नागरिक परमाणु क्षेत्र को खोलने के लिए मौजूदा प्रतिबंधात्मक कानूनों को निरस्त करता है। मुख्य प्रावधानों में निजी कंपनियों को परमाणु संयंत्र चलाने में सक्षम बनाना, ऑपरेटर की देयता (liability) को संयंत्र की क्षमता तक सीमित करना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि सरकार परमाणु कचरा प्रबंधन पर नियंत्रण बनाए रखे। यह विधेयक उन धाराओं को भी हटाता है जो तकनीकी विफलताओं के लिए उपकरण आपूर्तिकर्ताओं (equipment suppliers) को जिम्मेदार ठहराती हैं, एक ऐसा कदम जिसका कई राजनीतिक दलों ने कड़ा विरोध किया है।

मुख्य बिंदु

  • SHANTI Bill निजी और विदेशी कंपनियों को भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा उत्पादन में भाग लेने की अनुमति देता है।
  • यह परमाणु संयंत्रों के प्रबंधन की जिम्मेदारी सुविधा के 'ऑपरेटर' पर स्थानांतरित करता है।
  • ऑपरेटर की देयता (liability) अब असीमित के बजाय परमाणु संयंत्रों की विशिष्ट क्षमता तक सीमित है।
  • केंद्र सरकार परमाणु कचरे के प्रबंधन और निपटान पर विशेष नियंत्रण बनाए रखेगी।
  • विधेयक उस धारा को हटाता है जो पहले तकनीकी विफलताओं के लिए उपकरण आपूर्तिकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराती थी।

परीक्षा तथ्य

  • विधेयक का नाम: Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India (SHANTI) Bill, 2025.
  • यह विधेयक Civil Liability for Nuclear Damage Act, 2010 के प्रावधानों में संशोधन करता है।

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