भारत के Gaganyaan अंतरिक्ष मिशन के लिए Human-Rating मानकों का महत्व
जैसे-जैसे भारत अपने पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, Gaganyaan की तैयारी कर रहा है, LVM-3 लॉन्च वाहन की 'ह्यूमन-रेटिंग' (human-rating) की प्रक्रिया एक केंद्रीय फोकस बन गई है। ह्यूमन-रेटिंग में यह सुनिश्चित करने के लिए कठोर इंजीनियरिंग और परीक्षण शामिल है कि किसी विनाशकारी घटना की संभावना 0.2% या उससे कम हो। इसमें रिडंडेंट सिस्टम (redundant systems), एक मजबूत क्रू एस्केप सिस्टम (crew escape system) और विश्वसनीय पर्यावरण नियंत्रण जोड़ना शामिल है। हालांकि ह्यूमन-रेटिंग जटिलता और लागत को बढ़ाती है, लेकिन यह अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। ISRO का LVM-3, जिसे अब HLVM-3 नाम दिया गया है, भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से कक्षा में ले जाने के लिए इन अपग्रेड्स से गुजर रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत पहल के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। मिशन का लक्ष्य उच्च विश्वसनीयता है।
मुख्य बिंदु
- ह्यूमन-रेटिंग के लिए मानक कार्गो रॉकेट की तुलना में बहुत अधिक सुरक्षा मार्जिन की आवश्यकता होती है।
- HLVM-3 में बढ़ी हुई विश्वसनीयता के लिए अपग्रेड किए गए विकास लिक्विड इंजन और S200 बूस्टर शामिल हैं।
- क्रू एस्केप सिस्टम को उड़ान के दौरान आपात स्थिति के मामले में क्रू मॉड्यूल को दूर खींचने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- वर्तमान में केवल कुछ देशों के पास प्रमाणित ह्यूमन-रेटेड लॉन्च सिस्टम हैं, जिनमें अमेरिका, रूस और चीन शामिल हैं।
परीक्षा तथ्य
- LVM-3 (Launch Vehicle Mark-3) वह रॉकेट है जिसे ह्यूमन-रेटेड किया जा रहा है।
- HLVM-3, LVM-3 के ह्यूमन-रेटेड संस्करण का पदनाम (designation) है।
- ह्यूमन-रेटेड सिस्टम के लिए लक्षित विनाशकारी जोखिम 0.2% या उससे कम है।
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