UN Synthesis Report की चेतावनी: वैश्विक उत्सर्जन में कटौती पेरिस समझौते के लक्ष्यों से पीछे

ब्राजील में COP 30 से पहले जारी एक नई संयुक्त राष्ट्र 'सिंथेसिस रिपोर्ट' से पता चलता है कि वर्तमान Nationally Determined Contributions (NDCs) ग्लोबल वार्मिंग को 1.5°C तक सीमित करने के लिए अपर्याप्त हैं। देश वर्तमान में 2035 तक उत्सर्जन को 2019 के स्तर से केवल 17% कम करने की राह पर हैं, जो आवश्यक 37% से 57% की कटौती से बहुत कम है। रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि हालांकि कई NDCs में अब अनुकूलन (adaptation) घटक शामिल हैं, लेकिन समग्र महत्वाकांक्षा कम बनी हुई है। भारत उन देशों में शामिल है जिन्होंने अगस्त 2022 में अपने पिछले सबमिशन के बाद से अभी तक अपडेटेड NDC जमा नहीं किया है।

मुख्य बिंदु

  • यह रिपोर्ट अपडेटेड NDCs पर आधारित है, जो जीवाश्म ईंधन उत्सर्जन में कटौती करने या जंगलों जैसे कार्बन सिंक को बढ़ाने के वादे हैं।
  • 1.5°C के लक्ष्य को पूरा करने के लिए, 2035 तक वैश्विक उत्सर्जन में वर्तमान अनुमानों की तुलना में काफी अधिक कटौती की जानी चाहिए।
  • घरेलू प्रतिज्ञाएं अक्सर 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने और Carbon Capture Utilisation and Storage (CCUS) के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
  • 73% नए NDCs में एक 'अनुकूलन' घटक शामिल है, जो चल रहे जलवायु प्रभावों के साथ तालमेल बिठाने की आवश्यकता को दर्शाता है।

परीक्षा तथ्य

  • COP 30 (Conference of the Parties) बेलेम (Belem), ब्राजील में आयोजित किया जाएगा।
  • देशों द्वारा 2035 तक उत्सर्जन को 2019 के स्तर से केवल 17% कम करने का अनुमान है।
  • पेरिस समझौते का लक्ष्य वैश्विक तापन को 1.5 या 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखना है।

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