भारत-ASEAN संबंध निरंतर प्रगति कर रहे हैं; PM ने 2026 के लिए समुद्री सुरक्षा सहयोग की घोषणा की
कुआलालंपुर में 22वें ASEAN-India शिखर सम्मेलन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को वैश्विक स्थिरता के लिए एक आधारशिला के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने घोषणा की कि नौसैनिक संबंधों को गहरा करने के लिए 2026 को 'ASEAN-India Year of Maritime Cooperation' के रूप में मनाया जाएगा। चर्चा ASEAN-India Trade in Goods Agreement (AITIGA) को अंतिम रूप देने और 2026-2030 Plan of Action को लागू करने पर केंद्रित रही। भारत ने डिजिटल समावेशन (digital inclusion), खाद्य सुरक्षा और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं (resilient supply chains) में सहयोग पर जोर दिया। मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम ने उल्लेख किया कि यह संबंध मित्रता और विश्वास के साझा मूल्यों पर आधारित है, जो वैश्विक जनसंख्या के लगभग एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करता है।
मुख्य बिंदु
- सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026 को 'ASEAN-India Year of Maritime Cooperation' घोषित किया गया है।
- आर्थिक क्षमता को अनलॉक करने के लिए ASEAN-India Trade in Goods Agreement (AITIGA) को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत चल रही है।
- भारत ASEAN को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक भागीदार और Global South ढांचे में एक प्रमुख साथी के रूप में देखता है।
- सहयोग हरित ऊर्जा (green energy), साइबर सुरक्षा और डिजिटल समावेशन सहित नए क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है।
परीक्षा तथ्य
- 22वां ASEAN-India शिखर सम्मेलन कुआलालंपुर, मलेशिया में आयोजित किया गया।
- ASEAN-India Plan of Action 2026-2030 की अवधि को कवर करता है।
- AITIGA का अर्थ ASEAN-India Trade in Goods Agreement है।
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