तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा में किसानों के लिए धान खरीद और भंडारण की चुनौतियां
तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा में धान किसान बेमौसम बारिश के कारण उच्च नमी की मात्रा (high moisture content) की वजह से खरीद की गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। राज्य सरकार ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय से स्वीकार्य नमी की सीमा को 17% से बढ़ाकर 22% करने का अनुरोध किया है। विकेंद्रीकृत खरीद योजना (decentralized procurement scheme) के तहत, राज्य सरकार केंद्र की ओर से धान खरीदती है, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का भुगतान करता है। पर्याप्त प्रत्यक्ष खरीद केंद्रों (DPCs) और भंडारण बुनियादी ढांचे की कमी ने कई किसानों को निजी व्यापारियों और फसल के नुकसान के प्रति संवेदनशील बना दिया है।
मुख्य बिंदु
- बेमौसम बारिश ने कुरुवई धान की नमी की मात्रा बढ़ा दी है, जिससे खरीद मानकों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।
- Tamil Nadu Civil Supplies Corporation (TNCSC) राज्य में धान खरीद के लिए प्राथमिक एजेंसी है।
- विकेंद्रीकृत खरीद राज्यों को अनाज संग्रह के रसद का प्रबंधन करने की अनुमति देती है जबकि केंद्र गुणवत्ता की निगरानी करता है।
- बंपर पैदावार को संभालने और अनाज के नुकसान को रोकने के लिए आधुनिक चावल मिलों और अधिक DPCs की तत्काल आवश्यकता है।
परीक्षा तथ्य
- स्वीकार्य नमी की मात्रा सीमा: 17% (22% तक छूट का अनुरोध)।
- TNCSC: Tamil Nadu Civil Supplies Corporation।
- MSP: Minimum Support Price (न्यूनतम समर्थन मूल्य)।
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