IUCN World Heritage Outlook 4 रिपोर्ट ने पश्चिमी घाट और दक्षिण एशियाई स्थलों के लिए खतरों की चेतावनी दी
IUCN World Heritage Outlook 4 रिपोर्ट ने पश्चिमी घाट (Western Ghats), मानस नेशनल पार्क और सुंदरबन को 'महत्वपूर्ण चिंता' (significant concern) वाले स्थलों के रूप में वर्गीकृत किया है। रिपोर्ट इन क्षेत्रों के लिए चार प्राथमिक खतरों की पहचान करती है: जलवायु परिवर्तन, अस्थिर पर्यटन, आक्रामक विदेशी प्रजातियां (invasive alien species), और सड़कों और बांधों जैसे बुनियादी ढांचे का विकास। जबकि प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल पृथ्वी की सतह के 1% से भी कम हिस्से को कवर करते हैं, वे मानचित्रित प्रजातियों की समृद्धि का 20% हिस्सा हैं। रिपोर्ट तत्काल प्रबंधन हस्तक्षेप का आह्वान करती है और इन संरक्षण चुनौतियों से निपटने में Kunming-Montreal Global Biodiversity Framework की भूमिका पर प्रकाश डालती है।
मुख्य बिंदु
- जलविद्युत परियोजनाओं और सड़क निर्माण के कारण आवास विखंडन (habitat fragmentation) से पश्चिमी घाट को खतरा है।
- जलवायु परिवर्तन पश्चिमी घाट की प्रजातियों को उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने के लिए मजबूर कर रहा है।
- नीलगिरी में यूकेलिप्टस और बबूल (acacia) जैसी आक्रामक प्रजातियां प्राकृतिक जंगलों पर कब्जा कर रही हैं।
- रिपोर्ट में 2014 के बाद से 'सकारात्मक संरक्षण दृष्टिकोण' वाले एशियाई स्थलों के प्रतिशत में कमी देखी गई है।
परीक्षा तथ्य
- IUCN World Heritage Outlook 4 रिपोर्ट।
- उल्लिखित स्थल: पश्चिमी घाट, मानस नेशनल पार्क (असम), सुंदरबन (पश्चिम बंगाल)।
- नीलगिरी तहर (Nilgiri tahr) पश्चिमी घाट में एक प्रमुख खतरे वाली प्रजाति है।
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