Defence Ministry के निर्देश के बाद Kerala विस्तृत Oil Spill Crisis Management Plan विकसित करेगा
अपने तट पर दो जहाजों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद, Kerala एक व्यापक oil spill crisis management plan तैयार करने के लिए तैयार है। समुद्री तेल रिसाव के लिए नोडल मंत्रालय, Union Ministry of Defence ने राज्य को अपनी योजना को राष्ट्रीय आकस्मिक योजना और तमिलनाडु द्वारा उपयोग किए जाने वाले समान मॉडल के साथ संरेखित करने का निर्देश दिया। 590 km लंबी तटरेखा और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन तथा Vizhinjam International Seaport से निकटता के कारण, केरल को उच्च जोखिम का सामना करना पड़ता है। योजना की तैयारी और कार्यान्वयन की निगरानी के लिए सात सदस्यीय कोर ग्रुप का गठन किया गया है।
मुख्य बिंदु
- समुद्र में तेल और खतरनाक पदार्थों के रिसाव से निपटने के लिए Ministry of Defence नोडल एजेंसी है।
- क्षेत्रीय निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए केरल की योजना हाल ही में तमिलनाडु द्वारा तैयार की गई योजना पर आधारित होगी।
- Vizhinjam International Seaport और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन की निकटता समुद्री प्रदूषण के जोखिम को बढ़ाती है।
- त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सात सदस्यीय कोर ग्रुप और स्थानीय स्तर के प्रबंधन समूह स्थापित किए जाएंगे।
परीक्षा तथ्य
- केरल की तटरेखा लगभग 590 km है।
- Vizhinjam International Seaport पूर्व-पश्चिम शिपिंग लेन से केवल 10 समुद्री मील (nautical miles) की दूरी पर स्थित है।
- S. Sreekala केरल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Kerala State Pollution Control Board) की अध्यक्ष हैं।
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