गृह मंत्रालय (MHA) ने छठी अनुसूची की मांगों के बीच लद्दाख को Article 371 के तहत विशेष प्रावधानों का प्रस्ताव दिया

गृह मंत्रालय (MHA) ने लद्दाख को संविधान के Article 371 के तहत विशेष प्रावधान देने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव Leh Apex Body (LAB) और Kargil Democratic Alliance (KDA) के साथ फिर से शुरू हुई बातचीत के दौरान आया है, जो राज्य का दर्जा (Statehood) और छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के तहत शामिल करने की मांग कर रहे हैं। Part XXI में स्थित Article 371 'अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष प्रावधान' (Temporary, Transitional and Special Provisions) प्रदान करता है और वर्तमान में 12 भारतीय राज्यों पर लागू है। जबकि MHA भूमि और संस्कृति की सुरक्षा के लिए Article 371 का सुझाव दे रहा है, लद्दाखी समूह छठी अनुसूची के माध्यम से जनजातीय दर्जे और अधिक स्वायत्तता की अपनी मांग पर अडिग हैं।

मुख्य बिंदु

  • Article 371 पूर्ण राज्य का दर्जा दिए बिना कुछ राज्यों को भूमि, संस्कृति और प्रशासनिक स्वायत्तता के लिए विशिष्ट सुरक्षा प्रदान करता है।
  • छठी अनुसूची (Sixth Schedule) जनजातीय क्षेत्रों में विधायी और न्यायिक शक्तियों के साथ स्वायत्त जिला परिषदों (ADCs) का प्रावधान करती है, जिसे लद्दाख के समूह प्राथमिकता देते हैं।
  • लद्दाख वर्तमान में बिना विधायिका वाला एक केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) है, जिससे लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक सुरक्षा के लिए स्थानीय विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

परीक्षा तथ्य

  • Article 371 भारतीय संविधान के Part XXI का हिस्सा है।
  • यह प्रावधान वर्तमान में महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड, असम और मणिपुर सहित 12 राज्यों पर लागू होता है।
  • छठी अनुसूची (Sixth Schedule) असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है।

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