सरकार ने सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड सिंथेटिक कंटेंट के लिए अनिवार्य लेबलिंग और प्रकटीकरण का प्रस्ताव दिया
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में एक मसौदा संशोधन (draft amendment) जारी किया है। इस प्रस्ताव में अनिवार्य किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यह सुनिश्चित करें कि सभी AI-जनरेटेड या 'सिंथेटिक' कंटेंट पर स्पष्ट प्रकटीकरण (disclosure) हो। ऑडियो-विजुअल पोस्ट के लिए यह लेबल कंटेंट के सतह क्षेत्र का कम से कम 10% कवर करना चाहिए। इस कदम का उद्देश्य डीपफेक और गलत सूचनाओं के बढ़ते मामलों से निपटना है, जिससे उपयोगकर्ता वास्तविक और सिंथेटिक मीडिया के बीच अंतर कर सकें, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रति सरकार के नियामक दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
मुख्य बिंदु
- नियम सिंथेटिक जानकारी को ऐसी सामग्री के रूप में परिभाषित करते हैं जो कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग करके कृत्रिम या एल्गोरिथम रूप से बनाई या बदली गई हो ताकि वह प्रामाणिक लगे।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उपयोगकर्ताओं को AI कंटेंट की स्व-घोषणा (self-declare) करने की अनुमति देनी चाहिए और यदि उपयोगकर्ता ऐसी घोषणा करने में विफल रहते हैं तो इसे सक्रिय रूप से पहचानना चाहिए।
- यह अधिदेश (mandate) टेक्स्ट, वीडियो, ऑडियो और फोटो-रियलिस्टिक इमेज सहित सिंथेटिक कंटेंट के सभी प्रारूपों पर लागू होता है।
परीक्षा तथ्य
- यह प्रस्ताव IT Rules, 2021 में एक संशोधन है।
- अनिवार्य लेबल को कंटेंट के सतह क्षेत्र का कम से कम 10% कवर करना चाहिए।
- मंत्रालय ने 6 नवंबर तक मसौदा संशोधन पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया मांगी है।
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