अफगानिस्तान के साथ भारत का रणनीतिक जुड़ाव मानवीय सहायता, बुनियादी ढांचे और नशीले पदार्थों के नियंत्रण पर केंद्रित है
अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री की यात्रा के बाद, भारत चरण-दर-चरण जुड़ाव की रणनीति अपना रहा है। फोकस के मुख्य क्षेत्रों में मानवीय सहायता, नशीली दवाओं के उन्मूलन कार्यक्रम और काबुल नदी पर Shahtoot dam जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं। भारत ने अफगान छात्रों के लिए 1,000 e-scholarships की घोषणा की है। इस जुड़ाव का उद्देश्य क्षेत्र को स्थिर करना और मानवीय शक्ति के रूप में भारत की भूमिका को प्रदर्शित करना है। हालांकि, चुनौतियां बनी हुई हैं, जिनमें महिलाओं की शिक्षा पर तालिबान का रुख और IS-K और TTP जैसे समूहों से सुरक्षा खतरे शामिल हैं। संभावित व्यापार और पारगमन राजस्व $10 billion होने का अनुमान है।
मुख्य बिंदु
- भारत काबुल के जल संकट को दूर करने के लिए Shahtoot dam बनाने पर विचार कर रहा है, क्योंकि 2030 तक शहर का पानी सूख सकता है।
- जुड़ाव में मेथ और हेरोइन उत्पादन को रोकने के लिए तालिबान के नशीली दवाओं के प्रतिस्थापन कार्यक्रमों का समर्थन करना शामिल है।
- भारत ने Indian Council of Cultural Relations (ICCR) के माध्यम से 1,000 e-scholarships प्रदान की हैं।
- अफगानिस्तान पारगमन से संभावित व्यापार राजस्व सालाना $10 billion होने का अनुमान है।
परीक्षा तथ्य
- Shahtoot dam project on Kabul river
- 1,000 ICCR e-scholarships for Afghan students
- Kabul water crisis deadline: 2030
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