चीन ने भारत की EV और बैटरी सब्सिडी के खिलाफ WTO में शिकायत दर्ज की
चीन ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और बैटरियों के लिए नई दिल्ली की सब्सिडी को लेकर World Trade Organization (WTO) में भारत के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। यह विवाद निपटान प्रक्रिया में पहला कदम है। चीन ने तुर्की, कनाडा और EU के खिलाफ भी इसी तरह के आवेदन दायर किए हैं। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार घाटे के बीच आया है, जो 2024-25 में $99.2 बिलियन तक पहुंच गया। जबकि चीन को भारत का निर्यात 14.5% कम हुआ, चीन से आयात 11% से अधिक बढ़ गया, जो महत्वपूर्ण व्यापार असंतुलन को उजागर करता है।
मुख्य बिंदु
- चीन WTO नियमों के तहत हरित ऊर्जा क्षेत्र के लिए भारत की घरेलू सब्सिडी व्यवस्था को चुनौती दे रहा है।
- यह शिकायत EU और कनाडा जैसे अन्य प्रमुख व्यापारिक भागीदारों के खिलाफ इसी तरह की चीनी कार्रवाइयों के बाद आई है।
- बढ़ते आयात के कारण चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा लगभग $100 बिलियन तक पहुंच गया है।
परीक्षा तथ्य
- व्यापार घाटा: 2024-25 वित्तीय वर्ष में चीन के साथ $99.2 बिलियन।
- आयात वृद्धि: 2024-25 में चीन से आयात बढ़कर $113.45 बिलियन हो गया।
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