कर्नाटक में Personation-आधारित साइबर अपराध के मामलों में वृद्धि ने कमजोर दोषसिद्धि दर को उजागर किया
National Crime Records Bureau (NCRB) के आंकड़ों से कर्नाटक में साइबर अपराध के मामलों में महत्वपूर्ण वृद्धि का पता चलता है, विशेष रूप से IT Act की Section 66D के तहत 'cheating by personation' से संबंधित मामले। 2023 में भारत में ऐसे मामलों में कर्नाटक की हिस्सेदारी 70% से अधिक थी। मामलों की उच्च संख्या के बावजूद, चार्ज-शीटिंग और दोषसिद्धि (conviction) दर कम बनी हुई है, जिसमें चार में से केवल एक मामले में चार्ज-शीट दाखिल की जा रही है। विशेषज्ञ बेहतर प्रशिक्षित पुलिस, अपराधों की सक्रिय रिकॉर्डिंग और जटिल डिजिटल धोखाधड़ी और डीपफेक से संबंधित अपराधों को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए कानूनी प्रणाली के लिए विशेष प्रशिक्षण की मांग कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- Information Technology Act, 2000 की Section 66D कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग करके पहचान बदलकर धोखाधड़ी (cheating by personation) से संबंधित है।
- भारत के कुल साइबर अपराध मामलों में कर्नाटक की हिस्सेदारी 2023 में बढ़कर 25.3% हो गई।
- Section 66D के मामलों के लिए दोषसिद्धि दर सभी साइबर अपराधों के राष्ट्रीय औसत से काफी कम है।
- कम दोषसिद्धि दर का कारण जांच, साक्ष्य प्रबंधन और कानूनी तैयारी में कमियां हैं।
परीक्षा तथ्य
- IT Act, 2000 की Section 66D
- राष्ट्रीय साइबर अपराध में कर्नाटक की हिस्सेदारी: 25.3% (2023)
- Section 66D के लिए चार्ज-शीटिंग दर: 25%
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