IUCN ने Red List अपडेट की: आर्कटिक सील और पक्षी प्रजातियों को विलुप्ति के बढ़ते खतरों का सामना
International Union for Conservation of Nature (IUCN) ने अपनी Threatened Species की Red List को अपडेट किया है, जिसमें आर्कटिक सील और पक्षियों के बढ़ते खतरों पर प्रकाश डाला गया है। कटाई और कृषि से आवास का नुकसान पक्षियों के लिए प्राथमिक खतरा है, जबकि आर्कटिक सील ग्लोबल वार्मिंग और समुद्री बर्फ की कमी से पीड़ित हैं। हुडेड सील (hooded seal) की स्थिति सुभेद्य (vulnerable) से लुप्तप्राय (endangered) हो गई है। आर्कटिक में ग्लोबल वार्मिंग अन्य जगहों की तुलना में चार गुना तेजी से हो रही है, जो बर्फ पर निर्भर सील जैसी "कीस्टोन प्रजातियों" (keystone species) को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है जो खाद्य जाल के केंद्र में हैं। सकारात्मक पक्ष पर, दीर्घकालिक संरक्षण के कारण ग्रीन कछुए (green turtle) की आबादी में सुधार देखा गया है।
मुख्य बिंदु
- IUCN Red List में अब 172,620 प्रजातियां शामिल हैं, जिनमें से 48,646 के विलुप्त होने का खतरा है।
- आर्कटिक सील को 'कीस्टोन प्रजाति' के रूप में वर्गीकृत किया गया है क्योंकि वे पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण करते हैं और अन्य जानवरों के लिए प्राथमिक खाद्य स्रोत के रूप में कार्य करते हैं।
- दुनिया भर में 61% पक्षी प्रजातियों की आबादी घट रही है, जिसका मुख्य कारण उष्णकटिबंधीय वनों का विनाश है।
- हुडेड सील की स्थिति को 'Endangered' में बदल दिया गया है, जबकि बियर्डेड और हार्प सील अब 'Near Threatened' हैं।
परीक्षा तथ्य
- IUCN Red List अपडेट अबू धाबी में World Conservation Congress में जारी किया गया था।
- आर्कटिक वार्मिंग वैश्विक औसत की तुलना में चार गुना तेजी से हो रही है।
- सतत संरक्षण के कारण 1970 के दशक से ग्रीन कछुए की आबादी में 28% का सुधार हुआ है।
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