सरकार ने फार्मास्युटिकल गुणवत्ता नियंत्रण के लिए संशोधित Schedule M मानदंडों के सख्त अनुपालन का आदेश दिया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा निर्माताओं को Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत संशोधित Schedule M मानदंडों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। यह कदम मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत की खबरों के बाद उठाया गया है। संशोधित मानदंड Pharmaceutical Quality Systems (PQS) और Quality Risk Management (QRM) सहित उन्नत गुणवत्ता प्रणालियों को अनिवार्य करते हैं। गैर-अनुपालन वाली इकाइयों को लाइसेंस रद्द करने का सामना करना पड़ेगा। इसका लक्ष्य उत्पाद सुरक्षा सुनिश्चित करने, diethylene glycol (DEG) जैसे संदूषण को रोकने और भारतीय फार्मास्यूटिकल्स की वैश्विक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए भारतीय विनिर्माण मानकों को अंतरराष्ट्रीय Good Manufacturing Practices (GMP) के साथ संरेखित करना है।
मुख्य बिंदु
- Drugs and Cosmetics Act, 1940 की Schedule M भारत में फार्मास्युटिकल उत्पादों के लिए Good Manufacturing Practices (GMP) निर्धारित करती है।
- संशोधन संदूषण को रोकने के लिए कम्प्यूटरीकृत भंडारण प्रणाली और उपकरण सत्यापन पेश करता है।
- हाल की जांच में 'Coldrif' कफ सिरप में diethylene glycol (DEG) का उच्च स्तर पाया गया, जिससे उत्पादन तत्काल बंद कर दिया गया।
- इन उन्नत गुणवत्ता मानकों के लिए अनुपालन की समय सीमा 31 दिसंबर, 2025 है।
- Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) ने गैर-अनुपालन वाली इकाइयों के विनिर्माण लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की।
परीक्षा तथ्य
- संशोधित Schedule M, Drugs and Cosmetics Act, 1940 का हिस्सा है।
- Diethylene glycol (DEG) प्रतिबंधित Coldrif सिरप में पाया गया जहरीला संदूषक था।
- संशोधित मानदंडों के अनुपालन की समय सीमा 31 दिसंबर, 2025 है।
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