लद्दाख में Sonam Wangchuk की हिरासत ने राज्य के दर्जे की बातचीत की वैधता पर चिंताएं बढ़ाईं

जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को National Security Act (NSA) के तहत हिरासत में लिए जाने से लद्दाख में तनाव बढ़ गया है। Wangchuk ने लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और स्वदेशी संस्कृति की रक्षा के लिए संविधान की Sixth Schedule में शामिल करने के आंदोलन का नेतृत्व किया। हालांकि BJP ने पहले इन सुरक्षा उपायों के लिए प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने स्थानीय आबादी को अलग-थलग कर दिया है। हालांकि केंद्र बातचीत जारी रखने की योजना बना रहा है, लेकिन आलोचकों का तर्क है कि प्रमुख नेताओं के जेल में रहने के दौरान की गई बातचीत में वैधता की कमी है। यह स्थिति संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में गिरावट को दर्शाती है, जिसमें विपक्ष ने रोजगार सृजन और संवैधानिक सुरक्षा उपायों को संबोधित करने के लिए अधिक राजसी दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया है।

मुख्य बिंदु

  • लद्दाख को राज्य का दर्जा देने के विरोध प्रदर्शनों के बाद Sonam Wangchuk को National Security Act (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया।
  • प्रदर्शनकारी भारतीय संविधान की Sixth Schedule के तहत लद्दाख को शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
  • यह आंदोलन 2019 के विभाजन के बाद क्षेत्र की स्वदेशी संस्कृति, विरासत और भूमि की रक्षा करना चाहता है।
  • मई 2025 में हुए अस्थायी समझौतों के बावजूद केंद्र और स्थानीय समूहों के बीच अविश्वास गहरा गया है।

परीक्षा तथ्य

  • भारतीय संविधान की Sixth Schedule कुछ राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन का प्रावधान करती है।
  • 2019 में लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर एक Union Territory बनाया गया था।
  • National Security Act (NSA) सरकार द्वारा निवारक हिरासत (preventive detention) की अनुमति देता है।

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