IPR गांधीनगर ने भारत के स्वदेशी Fusion Power विकास के लिए एक रणनीतिक रोडमैप का प्रस्ताव दिया
गांधीनगर स्थित Institute for Plasma Research (IPR) के शोधकर्ताओं ने भारत में Fusion Power प्राप्त करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। योजना में भारत का पहला फ्यूजन बिजली जनरेटर, Steady-state Superconducting Tokamak-Bharat (SST-Bharat) विकसित करना शामिल है, जिसका लक्ष्य 2060 तक 250 MW उत्पन्न करना है। फ्यूजन को विखंडन (fission) के एक स्वच्छ विकल्प के रूप में माना जाता है क्योंकि यह कम रेडियोधर्मी कचरा पैदा करता है और मेल्टडाउन के जोखिम को समाप्त करता है। भारत पहले से ही फ्रांस में International Thermonuclear Experimental Reactor (ITER) परियोजना का सदस्य है। रोडमैप अत्यधिक तापमान की चुनौतियों से निपटने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी और उन्नत सामग्री अनुसंधान की आवश्यकता पर जोर देता है।
मुख्य बिंदु
- SST-Bharat का लक्ष्य 2060 तक पूर्ण पावर प्लांट में बदलने से पहले 100 MW क्षमता वाला फ्यूजन-हाइब्रिड रिएक्टर प्राप्त करना है।
- Fusion Power में ऊर्जा छोड़ने के लिए हल्के परमाणुओं को जोड़ना शामिल है, जो सितारों की प्रक्रिया की नकल करता है, और यह विखंडन की तुलना में स्वाभाविक रूप से सुरक्षित है।
- भारत का रोडमैप भविष्य की व्यावसायिक व्यवहार्यता के लिए 10 के 'Q' मान (आउटपुट और इनपुट ऊर्जा का अनुपात) को लक्षित करता है।
- मुख्य चुनौतियों में प्लाज्मा को 100 मिलियन डिग्री सेल्सियस पर बनाए रखना और रिएक्टर के लिए विकिरण-कठोर सामग्री विकसित करना शामिल है।
परीक्षा तथ्य
- Institute for Plasma Research (IPR) गांधीनगर, गुजरात में स्थित है।
- SST-Bharat (Steady-state Superconducting Tokamak-Bharat) भारत का प्रस्तावित फ्यूजन रिएक्टर है।
- भारत फ्रांस स्थित ITER परियोजना का सदस्य है।
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