EU ने रूस के खिलाफ 19th Sanctions Package का प्रस्ताव रखा, जिसमें Technology Access और संभावित भारतीय संस्थाओं को लक्षित किया गया है
European Commission ने 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से रूस के खिलाफ अपने 19th sanctions package का प्रस्ताव दिया है। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य AI और geospatial data सहित उन्नत प्रौद्योगिकियों और हथियारों के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण संसाधनों तक रूस की पहुंच को प्रतिबंधित करना है। महत्वपूर्ण रूप से, EU की शीर्ष राजनयिक Kaja Kallas ने सुझाव दिया कि भारतीय संस्थाएं (entities) इन उपायों से प्रभावित हो सकती हैं। यह पैकेज रूस के "shadow fleet" जहाजों को भी लक्षित करता है जिनका उपयोग मौजूदा प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए किया जाता है और जनवरी 2027 तक रूसी LNG आयात पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रस्ताव करता है। यह कदम EU द्वारा भारत के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को अपग्रेड करने की योजना की घोषणा के कुछ ही समय बाद आया है।
मुख्य बिंदु
- नए EU प्रतिबंध रूस की AI, geospatial data और महत्वपूर्ण औद्योगिक संसाधनों तक पहुंच को कम करने पर केंद्रित हैं।
- प्रस्ताव में रूस और तीसरे पक्षों के कुछ बैंकों के साथ लेनदेन पर प्रतिबंध, साथ ही क्रिप्टो प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध शामिल है।
- EU का लक्ष्य रूस के "shadow fleet" के 118 अतिरिक्त जहाजों पर प्रतिबंध लगाना है जिनका उपयोग अवैध व्यापार के लिए किया जाता है।
- संभावित सूची में भारतीय संस्थाओं को शामिल करना पश्चिमी दबाव के बीच रूस के साथ भारत के निरंतर व्यापार संबंधों की जटिलताओं को उजागर करता है।
परीक्षा तथ्य
- प्रस्तावित पैकेज फरवरी 2022 के बाद से प्रतिबंधों का 19th सेट है।
- EU का लक्ष्य जनवरी 2027 तक रूसी LNG आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है।
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