2030 तक Sustainable Development Goal 3 प्राप्त करने के लिए भारत को केंद्रित रणनीति और स्वास्थ्य शिक्षा की आवश्यकता है

भारत ने 2025 Sustainable Development Report में 167 देशों में से अपनी रैंक सुधार कर 99वीं कर ली है, फिर भी SDG 3 (Good Health and Well-being) प्राप्त करने में महत्वपूर्ण चुनौतियां बनी हुई हैं। Maternal Mortality Ratio (97 प्रति 100,000) और Under-five Mortality Rate (32 प्रति 1,000) जैसे प्रमुख संकेतक अभी भी 2030 के लक्ष्यों से पीछे हैं। लेख तीन-आयामी दृष्टिकोण पर जोर देता है: Universal Health Insurance प्रदान करना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करना और स्कूल पाठ्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षा को एकीकृत करना। निवारक देखभाल पर ध्यान केंद्रित करके और युवाओं के बीच स्वस्थ व्यवहार को बढ़ावा देकर, भारत गैर-संचारी रोगों (non-communicable diseases) के बोझ को कम कर सकता है और समग्र जीवन प्रत्याशा में सुधार कर सकता है।

मुख्य बिंदु

  • SDG 3 का लक्ष्य 2030 तक 'सभी उम्र के लोगों के लिए स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करना और कल्याण को बढ़ावा देना' है।
  • भारत का स्वास्थ्य पर अपनी जेब से होने वाला खर्च (out-of-pocket expenditure) कुल उपभोग का 13% बना हुआ है, जो 7.83% के लक्ष्य से अधिक है।
  • स्कूलों में स्वास्थ्य शिक्षा को बीमारियों को रोकने और दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करने के लिए एक लागत प्रभावी उपाय के रूप में पहचाना गया है।
  • ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा के अंतर को पाटने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य उपकरण और टेलीमेडिसिन को आवश्यक बताया गया है।

परीक्षा तथ्य

  • 2025 SDG Index में भारत की रैंक 167 देशों में 99वीं है।
  • Maternal Mortality Ratio (MMR) के लिए 2030 का लक्ष्य प्रति 100,000 जीवित जन्मों पर 70 है।
  • Under-five mortality rate के लिए 2030 का लक्ष्य प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 25 है।

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