आतंकी समूह LeT ने हवाई हमलों में क्षतिग्रस्त मुख्यालय के पुनर्निर्माण के लिए बाढ़ राहत कोष का उपयोग किया

खुफिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) पाकिस्तान के मुरीदके में अपने मुख्यालय के पुनर्निर्माण के लिए बाढ़ राहत के लिए एकत्र किए गए धन का उपयोग कर रहा है। 7 मई को भारतीय वायु सेना के हमले (Operation Sindoor) के दौरान मरकज़ तैयबा नामक यह सुविधा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। LeT का चैरिटी फ्रंट, 'Khidmat-e-Khalaq', कथित तौर पर मानवीय सहायता की आड़ में धन उगाहने वाले अभियान का नेतृत्व कर रहा है। आतंकी बुनियादी ढांचे के लिए आपदा राहत को कवर के रूप में उपयोग करने की यह रणनीति समूह द्वारा पहले भी उपयोग की गई है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद, ये संगठन अक्सर अपने नाम बदलकर और मानवीय संकटों का फायदा उठाकर काम करना जारी रखते हैं।

मुख्य बिंदु

  • LeT हवाई हमलों में क्षतिग्रस्त आतंकी बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए धन जुटाने के लिए अपने चैरिटी विंग का उपयोग कर रहा है।
  • Operation Sindoor 7 मई को मुरीदके में LeT सुविधाओं पर एक लक्षित भारतीय हवाई हमला था।
  • क्षेत्र के आतंकी समूह अक्सर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निगरानी से बचने के लिए मानवीय मुखौटों का उपयोग करते हैं।
  • वैश्विक दबाव के बावजूद LeT, JeM और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित संगठनों के बीच सहयोग बना हुआ है।

परीक्षा तथ्य

  • ऑपरेशन का नाम: Operation Sindoor (7 मई)।
  • स्थान: मुरीदके, पाकिस्तान।
  • LeT चैरिटी फ्रंट: Khidmat-e-Khalaq।

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