तमिलनाडु ने अनाथ बच्चों की शिक्षा में सहायता के लिए 'Anbukkarangal' पहल शुरू की
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने उन बच्चों को व्यापक सहायता प्रदान करने के लिए 'Anbukkarangal' पहल शुरू की है जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है। व्यापक 'Thayumanavar' गरीबी उन्मूलन योजना में एकीकृत, यह कार्यक्रम पात्र बच्चों को उनकी स्कूली शिक्षा पूरी होने तक ₹2,000 की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इस पहल का उद्देश्य स्कूल छोड़ने (dropouts) की दर को रोकना है और यह उच्च शिक्षा और व्यावसायिक कौशल विकास के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान करता है। यह सुरक्षा जाल 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों को लक्षित करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि माता-पिता के समर्थन की कमी उनकी शैक्षिक संभावनाओं को समाप्त न करे।
मुख्य बिंदु
- यह पहल उन बच्चों को ₹2,000 मासिक सहायता प्रदान करती है जिन्होंने अपने दोनों माता-पिता या एकल सहायक माता-पिता को खो दिया है।
- यह 'Thayumanavar' योजना का एक उप-घटक है जिसका उद्देश्य अत्यधिक गरीबी में रहने वालों की सहायता करना है।
- वित्तीय सहायता के अलावा, कार्यक्रम छात्रों की स्कूली शिक्षा पूरी करने और उच्च शिक्षा में संक्रमण सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
- योजना को राज्य में अनाथ बच्चों की सामाजिक-आर्थिक संवेदनशीलता को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
परीक्षा तथ्य
- मासिक सहायता राशि: ₹2,000।
- पात्रता आयु: 18 वर्ष तक।
- मूल योजना: Thayumanavar scheme (तमिलनाडु)।
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