केरल में दुर्लभ Amoebic Meningoencephalitis मस्तिष्क संक्रमण के कारण मौतों की सूचना
केरल में एक महीने में Amoebic Meningoencephalitis के कारण छठी मौत दर्ज की गई है, जो एक दुर्लभ लेकिन घातक मस्तिष्क संक्रमण है। यह बीमारी झीलों और नदियों जैसे गर्म ताजे जल निकायों में पाए जाने वाले free-living amoebae के कारण होती है। संक्रमण आमतौर पर तब होता है जब दूषित पानी नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है, अक्सर तैराकी के दौरान। हालांकि मलप्पुरम में हालिया संक्रमण का स्रोत स्पष्ट नहीं है, स्वास्थ्य अधिकारी कई अन्य रोगियों की निगरानी कर रहे हैं। इस स्थिति की उच्च मृत्यु दर ने इसे राज्य में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बना दिया है, जिससे जल सुरक्षा के संबंध में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्य बिंदु
- Amoebic meningoencephalitis केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक दुर्लभ, अक्सर घातक संक्रमण है।
- रोगजनक एक free-living amoeba है जो झीलों और नदियों जैसे ताजे पानी के वातावरण में पाया जाता है।
- संक्रमण तब होता है जब दूषित पानी नासिका गुहा (nasal cavity) के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है।
- केरल में हाल ही में मामलों का एक समूह देखा गया है, जो इसे एक उभरती हुई सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में उजागर करता है।
परीक्षा तथ्य
- यह संक्रमण free-living amoebae (विशेष रूप से Naegleria fowleri) के कारण होता है।
- 2025 के अंत में एक महीने के भीतर केरल में छह मौतें दर्ज की गईं।
- यह बीमारी मुख्य रूप से ताजे जल निकायों में नाक के मार्ग से फैलती है।
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