केरल के कासरगोड और वायनाड में दुर्लभ और घातक अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के मामले दर्ज
केरल में प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, जो एक दुर्लभ लेकिन अत्यधिक घातक मस्तिष्क संक्रमण है। कासरगोड में एक 32 वर्षीय व्यक्ति और वायनाड में एक 45 वर्षीय व्यक्ति हाल के पीड़ितों में शामिल हैं। यह संक्रमण Naegleria fowleri के कारण होता है, जो आमतौर पर तालाबों और नदियों जैसे गर्म, स्थिर ताजे पानी के निकायों में पाया जाने वाला एक अमीबा है। अमीबा नाक के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है और मस्तिष्क तक जाता है, जिससे गंभीर सूजन हो जाती है। लक्षणों में सिरदर्द, बुखार और उल्टी शामिल हैं, जो तेजी से दौरे और याददाश्त खोने की ओर बढ़ते हैं। स्वास्थ्य विभाग वर्तमान में उपचार के अधीन कई अन्य लोगों की निगरानी कर रहा है।
मुख्य बिंदु
- अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस मुक्त-जीवित अमीबा Naegleria fowleri के कारण होता है, जो अक्सर स्थिर पानी में पाया जाता है।
- रोगजनक आमतौर पर दूषित पानी में तैरने या स्नान करने जैसी गतिविधियों के दौरान नाक के मार्ग से शरीर में प्रवेश करता है।
- शुरुआती लक्षणों में गर्दन में अकड़न, बुखार और उल्टी शामिल हैं, लेकिन बीमारी बहुत उच्च मृत्यु दर के साथ तेजी से बढ़ती है।
- केरल में स्वास्थ्य अधिकारी दूषित कुएं के पानी और स्थानीय तालाबों के माध्यम से जलजनित संचरण की जांच कर रहे हैं।
परीक्षा तथ्य
- रोगजनक (Pathogen): Naegleria fowleri (आमतौर पर 'ब्रेन-ईटिंग अमीबा' के रूप में जाना जाता है)।
- प्रभावित क्षेत्र: केरल में कासरगोड, वायनाड, मलप्पुरम और कोझिकोड।
- संचरण मार्ग (Transmission route): गर्म, स्थिर ताजे पानी के निकायों से नाक के माध्यम से प्रवेश।
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