भारतीय रेलवे National Green Hydrogen Mission के हिस्से के रूप में हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन लॉन्च करेगा
भारतीय रेलवे ने चेन्नई में Integral Coach Factory (ICF) में हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन के विकास की घोषणा की है। यह पहल National Green Hydrogen Mission के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य 2030 तक सालाना पांच मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है। यह ट्रेन हरियाणा में जींद और सोनीपत के बीच 89 किमी के मार्ग पर चलेगी, जो 1-MW polymer electrolyte membrane (PEM) इलेक्ट्रोलाइजर द्वारा संचालित होगी। ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन सौर या पवन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित करके किया जाता है, जो जीवाश्म ईंधन का शून्य-उत्सर्जन विकल्प प्रदान करता है और भारत के 2070 के नेट-जीरो लक्ष्य का समर्थन करता है।
मुख्य बिंदु
- हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने के भारत के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
- ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके पानी का इलेक्ट्रोलिसिस शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप कोई कार्बन फुटप्रिंट नहीं होता है।
- National Green Hydrogen Mission का लक्ष्य 2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक उत्पादन करना है।
- चल रहे शोध प्लैटिनम जैसे महंगे उत्प्रेरकों (catalysts) को निकल या लोहे जैसे सस्ते विकल्पों से बदलने पर केंद्रित हैं।
परीक्षा तथ्य
- ट्रेन को Integral Coach Factory (ICF), चेन्नई में विकसित किया गया था।
- National Green Hydrogen Mission का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन है।
- भारत का राष्ट्रव्यापी नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य वर्ष 2070 है।
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