केरल में उच्च मृत्यु दर वाले घातक 'Brain-Eating Amoeba' संक्रमण में वृद्धि की रिपोर्ट
केरल में अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (amoebic meningoencephalitis) के कारण और अधिक मौतों की सूचना मिली है, जिससे इस वर्ष मरने वालों की संख्या तीन हो गई है और 42 मामले सामने आए हैं। यह संक्रमण, जिसे अक्सर 'brain-eating amoeba' कहा जाता है, मुख्य रूप से तालाबों या कुओं के दूषित पानी के माध्यम से फैलता है। इसके दो वेरिएंट देखे गए हैं: Primary Amoebic Meningoencephalitis (PAM) और Granulomatous Amoebic Encephalitis (GAE), जिनमें से बाद वाला वर्तमान में केरल में रिपोर्ट किया गया है। इस बीमारी की मृत्यु दर आश्चर्यजनक रूप से 95% है। लक्षणों में बुखार, सिरदर्द और मतली शामिल हैं, जो संपर्क के 5-10 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर राज्यव्यापी जल निकायों के क्लोरीनीकरण (chlorination) की शुरुआत की है।
मुख्य बिंदु
- अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस दूषित पानी से नाक के जरिए मानव शरीर में प्रवेश करने वाले अमीबा के कारण होता है।
- दो मुख्य वेरिएंट Primary Amoebic Meningoencephalitis (PAM) और Granulomatous Amoebic Encephalitis (GAE) हैं।
- स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस संक्रमण की मृत्यु दर बहुत अधिक है, जिसका अनुमान 95% है।
- लक्षण आमतौर पर अमीबा के संपर्क में आने के 5 से 10 दिनों के भीतर प्रकट होते हैं।
परीक्षा तथ्य
- Primary Amoebic Meningoencephalitis (PAM)
- Granulomatous Amoebic Encephalitis (GAE)
- 95% मृत्यु दर
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