ICMR ने Traumatic Brain Injuries के लिए 'CEREBO' स्वदेशी नैदानिक उपकरण विकसित किया
CEREBO एक नया, हाथ में पकड़े जाने वाला, गैर-आक्रामक (non-invasive) नैदानिक उपकरण है जिसे ICMR और अन्य भारतीय चिकित्सा संस्थानों के सहयोग से विकसित किया गया है। इसे एक मिनट के भीतर इंट्राक्रैनियल ब्लीडिंग (intracranial bleeding) और एडिमा (edema) का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो इसे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और एम्बुलेंसों में उपयोगी बनाता है जहाँ CT या MRI स्कैन उपलब्ध नहीं हैं। यह उपकरण उन्नत नियर-इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी (near-infrared spectroscopy) और मशीन लर्निंग का उपयोग करता है। यह शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है और इसे पैरामेडिक स्टाफ द्वारा संचालित किया जा सकता है। CEREBO का उद्देश्य Traumatic Brain Injuries (TBI) का शीघ्र पता लगाना है, जो भारत में सालाना लगभग 1 मिलियन मौतों का कारण बनते हैं।
मुख्य बिंदु
- CEREBO Traumatic Brain Injuries (TBI) का शीघ्र पता लगाने के लिए एक पोर्टेबल उपकरण है।
- यह उपकरण एक मिनट से भी कम समय में इंट्राक्रैनियल ब्लीडिंग और एडिमा का पता लगा सकता है।
- यह नियर-इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक का उपयोग करता है और विकिरण मुक्त (radiation-free) है।
- सड़क यातायात चोटें भारत में TBIs का प्रमुख कारण (60%) हैं।
परीक्षा तथ्य
- CEREBO (नैदानिक उपकरण)
- Indian Council of Medical Research (ICMR)
- भारत में सालाना 1.5 से 2 मिलियन व्यक्ति TBI से घायल होते हैं
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