मोदी 7 साल बाद चीन पहुंचे; SCO शिखर सम्मेलन में शी और पुतिन से मिलेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से पहले 2018 के बाद अपनी पहली यात्रा के लिए चीन के तियानजिन पहुंचे। वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने वाले हैं। यह यात्रा U.S. टैरिफ युद्धों के बीच भारत-चीन संबंधों में सुधार का संकेत देती है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने मोदी को फोन कर SCO शिखर सम्मेलन में "तत्काल युद्धविराम" के लिए "उचित संकेत" देने का आग्रह किया। U.S. आयात शुल्क, जिसमें भारतीय वस्तुओं पर 50% शुल्क शामिल है, के कारण वैश्विक व्यापार अशांति को देखते हुए SCO बैठक महत्वपूर्ण है।
मुख्य बिंदु
- SCO शिखर सम्मेलन के लिए PM मोदी की चीन यात्रा 2018 के बाद उनकी पहली यात्रा है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
- वह अन्य नेताओं के साथ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने वाले हैं।
- यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने PM मोदी से SCO शिखर सम्मेलन में "तत्काल युद्धविराम" की वकालत करने का आग्रह किया।
- U.S. आयात शुल्क के कारण वैश्विक व्यापार अशांति, जो भारतीय वस्तुओं को प्रभावित कर रही है, से SCO शिखर सम्मेलन का महत्व बढ़ गया है।
परीक्षा तथ्य
- PM मोदी की 2018 के बाद चीन की पहली यात्रा।
- वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के लिए तियानजिन पहुंचे।
- U.S. द्वारा आयात शुल्क लगाए जाने का उल्लेख है, जिसमें भारतीय वस्तुओं पर 50% शुल्क शामिल है।
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