सुप्रीम कोर्ट Play Store नीतियों और प्रभुत्व पर Google के एंटीट्रस्ट मामले की सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने Google एंटीट्रस्ट मामले में National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) के फैसले के खिलाफ एक अपील स्वीकार कर ली है। Competition Commission of India (CCI) ने पाया था कि Google ने Android में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग किया, इन-ऐप खरीदारी के लिए अपने Play Billing System (GPBS) को अनिवार्य करके और अपने ऐप्स को बंडल करके प्रतिस्पर्धा को प्रतिबंधित किया। NCLAT ने CCI के कुछ निष्कर्षों को बरकरार रखा लेकिन जुर्माने को ₹936.44 करोड़ से घटाकर ₹216.69 करोड़ कर दिया और कुछ व्यवहार संबंधी निर्देशों को रद्द कर दिया। यह मामला प्लेटफॉर्म नियंत्रण, उपभोक्ता पसंद और बाजार निष्पक्षता के बारे में मौलिक प्रश्न उठाता है। इसका परिणाम भारत और विश्व स्तर पर डिजिटल बाजार विनियमन के लिए एक मिसाल कायम करेगा, जिससे सैकड़ों लाखों भारतीयों द्वारा मोबाइल सेवाओं तक पहुंच प्रभावित होगी।

मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट Google के एंटीट्रस्ट मामले में NCLAT के फैसले के खिलाफ Google की अपील की सुनवाई करेगा।
  • CCI ने Google पर अनिवार्य बिलिंग और ऐप बंडलिंग के माध्यम से Android में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था।
  • NCLAT ने CCI के कुछ निष्कर्षों को बरकरार रखा लेकिन Google पर लगाए गए जुर्माने को काफी कम कर दिया।
  • इस मामले का परिणाम भारत और विश्व स्तर पर डिजिटल बाजार विनियमन के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करेगा, जिससे उपभोक्ता पसंद और बाजार निष्पक्षता प्रभावित होगी।

परीक्षा तथ्य

  • यह मामला Alphabet Inc. (Google की मूल कंपनी) से संबंधित है।
  • Competition Commission of India (CCI) ने 2020 में जांच शुरू की थी।
  • National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) ने जुर्माने को ₹936.44 करोड़ से घटाकर ₹216.69 करोड़ कर दिया।
  • इन-ऐप खरीदारी के लिए Google Play Billing System (GPBS) का अनिवार्य उपयोग एक प्रमुख मुद्दा है।
  • सुप्रीम कोर्ट की पीठ का नेतृत्व जस्टिस P.S. Narasimha कर रहे हैं।

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