रूसी तेल व्यापार को लेकर अमेरिका ने भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय आयात पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया। इसका कारण भारत द्वारा रूसी तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बताया गया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन कार्रवाइयों को "अनुचित, अन्यायपूर्ण और अतार्किक" बताते हुए भारत की ऊर्जा सुरक्षा आवश्यकताओं और बाजार-आधारित आयातों पर जोर दिया। MEA ने यह भी बताया कि अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) भी रूस के साथ महत्वपूर्ण व्यापार करते हैं, जो भारत के तेल आयात से अधिक है। इस कदम को भारतीय निर्यात के लिए "गंभीर झटका" माना जा रहा है और यह चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ताओं को जटिल बनाता है।

मुख्य बिंदु

  • अमेरिका ने रूसी तेल आयात का हवाला देते हुए भारतीय आयात पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया।
  • भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने टैरिफ को "अनुचित, अन्यायपूर्ण और अतार्किक" बताते हुए भारत की ऊर्जा सुरक्षा आवश्यकताओं पर जोर दिया।
  • MEA ने बताया कि अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) भी रूस के साथ महत्वपूर्ण व्यापार करते हैं, जो भारत के तेल आयात से अधिक है।
  • इन टैरिफ को भारतीय निर्यात के लिए "गंभीर झटका" माना जा रहा है और ये चल रही अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की वार्ताओं को जटिल बनाते हैं।

परीक्षा तथ्य

  • अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भारतीय आयात पर अतिरिक्त 25% टैरिफ के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।
  • अमेरिका द्वारा भारतीय आयात पर कुल टैरिफ अब 50% है (31 जुलाई को प्रारंभिक 25%, अब अतिरिक्त 25%)।
  • MEA ने कहा कि भारत का आयात बाजार कारकों पर आधारित है और 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
  • Federation of Indian Export Organisations (FIEO) के अध्यक्ष S.C. Ralhan ने इस वृद्धि को "गंभीर झटका" बताया।

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