भारत का कल्याणकारी राज्य तकनीकी गणना की ओर बढ़ रहा है, लोकतांत्रिक मानदंडों और जवाबदेही पर चिंताएं बढ़ा रहा है
भारत की कल्याण प्रणाली तेजी से "तकनीकी गणना" को अपना रही है, जो Aadhaar और DBT जैसी डिजिटल पहलों द्वारा संचालित है, जिसका उद्देश्य दक्षता और कवरेज है, लेकिन संभावित रूप से "लोकतांत्रिक मानदंडों" और "राजनीतिक जवाबदेही" की कीमत पर। डेटा-संचालित एल्गोरिदम और गैर-राजनीतिक तर्कसंगतता की विशेषता वाला यह बदलाव, नागरिकों को केवल "ऑडिट योग्य लाभार्थियों" तक सीमित करने और संबंधित जिम्मेदारी के बिना दृश्यता को केंद्रीकृत करने का जोखिम रखता है, जैसा कि Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS) के साथ देखा गया है। सामाजिक क्षेत्र के खर्च में गिरावट और RTI व्यवस्था के "अस्तित्वगत संकट" के बारे में चिंताएं उठाई गई हैं। लेख "लोकतांत्रिक एंटीफ्रैजिलिटी" की वकालत करता है, राज्यों को सशक्त बनाना, समुदाय-संचालित प्रभाव ऑडिट को संस्थागत बनाना, प्लेटफॉर्म सहकारी समितियों को बढ़ावा देना और "स्पष्टीकरण और अपील का अधिकार" के साथ ऑफ़लाइन सुरक्षा उपायों को मजबूत करना ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नागरिक शासन में भागीदार बने रहें।
मुख्य बिंदु
- भारत की कल्याण प्रणाली एक तकनीकी मॉडल की ओर विकसित हो रही है, जो Aadhaar और DBT जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से दक्षता को प्राथमिकता देती है।
- यह बदलाव लोकतांत्रिक मानदंडों के क्षरण, राजनीतिक जवाबदेही और नागरिकों के डेटा बिंदुओं तक सीमित होने की संभावना के बारे में चिंताएं बढ़ाता है।
- सामाजिक क्षेत्र के खर्च में गिरावट आई है, और RTI व्यवस्था एक "अस्तित्वगत संकट" का सामना कर रही है, जो पारदर्शिता और शिकायत निवारण में प्रणालीगत चुनौतियों का संकेत है।
- लेख "लोकतांत्रिक एंटीफ्रैजिलिटी" की वकालत करता है, संदर्भ-संवेदनशील राज्य-स्तरीय समाधानों और समुदाय-संचालित प्रभाव ऑडिट पर जोर देता है।
- यह मानव प्रतिक्रिया तंत्र, वैधानिक पूर्वाग्रह ऑडिट और "स्पष्टीकरण और अपील का अधिकार" को मजबूत करने का आह्वान करता है ताकि शासन में नागरिक भागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
परीक्षा तथ्य
- डिजिटल पहलें: Aadhaar नामांकन (अरब), Direct Benefit Transfer (DBT) प्रणाली (1,206 योजनाएं), Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS)।
- उल्लिखित योजनाएं: E-SHRAM, PM KISAN।
- न्यायिक संदर्भ: Justice D.Y Chandrachud का Aadhaar असहमति (2018)।
- अंतर्राष्ट्रीय सिफारिश: UN Human Rights for digital governance systems ("right to explanation and appeal")।
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