युद्ध के बदलते आयामों की वास्तविकता

यह लेख युद्ध में मौलिक परिवर्तनों पर चर्चा करता है, जो पारंपरिक शारीरिक बल से हटकर डिजिटल रूप से स्वायत्त और परस्पर जुड़े सिस्टम की ओर बढ़ रहा है। यह बताता है कि Operation Desert Storm, यूक्रेन युद्ध और मई 2025 में एक काल्पनिक भारत-पाकिस्तान संघर्ष जैसी घटनाएं ड्रोन, AI, साइबर युद्ध और हाइपरसोनिक हथियारों पर बढ़ती निर्भरता को कैसे प्रदर्शित करती हैं। लेखक M.K. Narayanan इस बात पर जोर देते हैं कि भारत को भविष्य के बहु-मोर्चे संघर्षों की तैयारी के लिए अपनी सैन्य आधुनिकीकरण योजनाओं को तेजी से अनुकूलित करना चाहिए, रक्षा खरीद पर पुनर्विचार करना चाहिए और अपने हार्डवेयर में विविधता लानी चाहिए, क्योंकि युद्ध जीतने की पारंपरिक अवधारणाएं पुरानी हो चुकी हैं। नेटवर्क-केंद्रित युद्ध की ओर बदलाव के लिए एक व्यापक रणनीतिक सुधार की आवश्यकता है।

मुख्य बिंदु

  • आधुनिक युद्ध पारंपरिक शारीरिक बल से हटकर डिजिटल रूप से स्वायत्त और परस्पर जुड़े सिस्टम की ओर बदलाव की विशेषता है।
  • ड्रोन, AI, साइबर युद्ध और हाइपरसोनिक हथियारों का व्यापक उपयोग युद्धक्षेत्र की गतिशीलता को बदल रहा है।
  • भारत को इन उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी सैन्य आधुनिकीकरण योजनाओं को तत्काल अनुकूलित करने और अपने हार्डवेयर में विविधता लाने की आवश्यकता है।
  • लेख युद्ध की प्रकृति और संचालन में गहरे परिवर्तनों को दर्शाने के लिए ऐतिहासिक और काल्पनिक संघर्षों का हवाला देता है।
  • उन्नत नेटवर्क-केंद्रित युद्ध के सामने पारंपरिक सैन्य पदानुक्रम और युद्ध की अवधारणाएं पुरानी होती जा रही हैं।

परीक्षा तथ्य

  • लेखक: M.K. Narayanan (पूर्व निदेशक, Intelligence Bureau; पूर्व National Security Adviser; पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल)।
  • Operation Desert Storm (1991) का उल्लेख।
  • यूक्रेन युद्ध (2022 से) का संदर्भ।
  • BrahMos मिसाइल और चीन-आपूर्ति वाली PL-15 मिसाइलों पर चर्चा।

पढ़ें। याद रखें। याद करें।

स्पेस्ड-रिपीटिशन फ्लैशकार्ड, दैनिक क्विज़ और ऑफ़लाइन एक्सेस पाएं — एंड्रॉइड पर मुफ़्त।

Google Play पर पाएं

के सभी करेंट अफेयर्स 24 जुलाई 2025