व्याख्याता: क्या इजरायल गाजा में नरसंहार कर रहा है? ICJ की कार्यवाही और अंतर्राष्ट्रीय कानून

दक्षिण अफ्रीका ने जनवरी 2024 में International Court of Justice (ICJ) में इजरायल के खिलाफ कार्यवाही शुरू की, जिसमें आरोप लगाया गया कि गाजा में उसका सैन्य अभियान नरसंहार के बराबर है। ICJ के अनंतिम उपायों से नरसंहार का "संभावित" जोखिम इंगित होता है। UN Convention द्वारा परिभाषित नरसंहार के लिए "किसी राष्ट्रीय, जातीय, नस्लीय या धार्मिक समूह को पूर्ण या आंशिक रूप से नष्ट करने के इरादे से किए गए कार्य" की आवश्यकता होती है। नरसंहार के इरादे को साबित करना कुख्यात रूप से मुश्किल है, लेकिन विशेषज्ञ तर्क देते हैं कि इजरायल का आचरण, जिसमें व्यवस्थित विनाश और अमानवीय बयानबाजी शामिल है, मानदंडों को पूरा करता है। ICJ के उपायों के बावजूद, इजरायल का गैर-अनुपालन जारी है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था पर संदेह पैदा होता है, जबकि प्रमुख पश्चिमी शक्तियां निर्णायक UN कार्रवाई को रोकती हैं।

मुख्य बिंदु

  • दक्षिण अफ्रीका ने जनवरी 2024 में ICJ में इजरायल के खिलाफ गाजा में नरसंहार का आरोप लगाते हुए एक मामला दायर किया।
  • ICJ ने नरसंहार के "संभावित" जोखिम का संकेत दिया है, जिसमें बाध्यकारी अनंतिम उपाय जारी किए गए हैं।
  • नरसंहार को UN Convention द्वारा एक समूह को पूर्ण या आंशिक रूप से नष्ट करने के विशिष्ट इरादे से किए गए कार्यों के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • नरसंहार के इरादे (mens rea) को साबित करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसे अत्याचारों के पैमाने और अमानवीय बयानबाजी से अनुमानित किया जा सकता है।
  • ICJ के उपायों के साथ इजरायल का लगातार गैर-अनुपालन और शक्तिशाली राज्यों द्वारा UN कार्रवाई को रोकना नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के बारे में चिंताएं पैदा करता है।

परीक्षा तथ्य

  • मामला शुरू करने वाला: दक्षिण अफ्रीका (जनवरी 2024)।
  • न्यायालय: International Court of Justice (ICJ)।
  • UN Convention: Convention on the Prevention and Punishment of the Crime of Genocide (1948)।
  • शब्द गढ़ा गया: पोलिश-यहूदी न्यायविद् Raphael Lemkin (1944)।

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