U.S. ने बहुपक्षवाद (multilateralism) की स्थापना की और उसे समाप्त किया: बदलते वैश्विक व्यवस्था में भारत का रणनीतिक मार्ग

लेख का तर्क है कि U.S., विशेष रूप से Donald Trump के तहत, UN और बहुपक्षवाद (multilateralism) को हाशिए पर धकेल दिया है, द्विपक्षीय सौदों (bilateral deals) का पक्ष लेते हुए जो वैश्विक व्यवस्था को खंडित करते हैं। यह सुझाव देता है कि भारत को इस बदलाव को स्वीकार करना चाहिए और राष्ट्रीय समृद्धि और दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South cooperation) पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भारत को 'strategic autonomy' को परिभाषित करने और अपने मूल हितों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, विचारों और व्यापार समझौतों के लिए पश्चिम के बजाय पूर्व की ओर देखना चाहिए। लेखक चौथी औद्योगिक क्रांति (fourth industrial revolution) और रक्षा में भारत की आंतरिक शक्तियों पर प्रकाश डालता है, विकास-केंद्रित दृष्टिकोण की वकालत करता है, सीमा मुद्दों पर फिर से विचार करता है, और 2026 में BRICS Summit जैसे अवसरों का लाभ उठाकर Global South का नेतृत्व करने की बात करता है ताकि पुनर्गठित शुल्कों (reoriented tariffs) और मूल्य श्रृंखलाओं (value chains) के माध्यम से साझा समृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके।

मुख्य बिंदु

  • U.S. बहुपक्षवाद (multilateralism) से द्विपक्षीय सौदों (bilateral deals) की ओर बढ़ रहा है, जिससे वैश्विक व्यवस्था का विखंडन हो रहा है।
  • भारत को राष्ट्रीय समृद्धि, दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South cooperation) पर ध्यान केंद्रित करके और अपनी 'strategic autonomy' को स्पष्ट रूप से परिभाषित करके अनुकूलन करना चाहिए।
  • भारत की विदेश नीति को पूर्वी राष्ट्रों (जैसे, ASEAN) के साथ व्यापार समझौतों को प्राथमिकता देनी चाहिए और प्रौद्योगिकी और रक्षा में अपनी शक्तियों का लाभ उठाना चाहिए।
  • लेख सुझाव देता है कि भारत को सीमा मुद्दों के प्रति अपने दृष्टिकोण का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए, विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के साथ विश्वास का निर्माण करना चाहिए।
  • 2026 में BRICS Summit को भारत के लिए Global South का नेतृत्व करने का एक अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया है ताकि पुनर्गठित शुल्कों (reoriented tariffs) और मूल्य श्रृंखलाओं (value chains) के माध्यम से साझा समृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके।

परीक्षा तथ्य

  • BRICS Summit का उल्लेख: जुलाई 2025 (पिछला), 2026 (भारत में भविष्य का अवसर)।
  • भारत का आर्थिक अनुमान: 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, संभावित रूप से 2075 तक U.S. को पीछे छोड़ देगा।
  • भारत के GenAI पेटेंट: U.K. और जर्मनी से आगे निकल गए (World Intellectual Property Organization के अनुसार)।
  • लेखक: मुकुल सनवाल, पूर्व United Nations राजनयिक।

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