SIR पर आलोचना का सामना करने के बाद चुनाव आयोग ने डैमेज कंट्रोल मोड अपनाया
चुनाव आयोग ने देश भर में मतदाता सूचियों के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चिंताओं को दूर करने के लिए कई उपायों की घोषणा की है, जिसमें अनमैप किए गए मतदाताओं के लिए शारीरिक सुनवाई (फिजिकल हियरिंग) को रोकना शामिल है। चुनाव निकाय ने इस बात पर जोर दिया कि ये फैसले चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों के बाद आए हैं और इन्हें पूर्ण आयोग की मंजूरी प्राप्त है। कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से CEC ज्ञानेश कुमार के तहत मतदाता नामांकन प्रक्रिया का स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लेने का आग्रह किया है।
मुख्य बिंदु
- चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर आलोचना के बाद सुधारात्मक उपायों की घोषणा की है।
- अनमैप किए गए मतदाताओं या तार्किक विसंगतियों वाले लोगों के लिए शारीरिक सुनवाई रोक दी गई है।
- फॉर्म 6 के साथ संलग्न घोषणा अब केवल वर्तमान SIR प्रक्रिया के दौरान अनिवार्य है।
- कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से मतदाता नामांकन प्रक्रिया में बदलावों का स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया है।
परीक्षा तथ्य
- CEC: ज्ञानेश कुमार
- फॉर्म 6 का उपयोग नए मतदाता पंजीकरण के लिए किया जाता है।
- SIR प्रक्रिया 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी की गई थी।
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