बढ़ते तनाव और धमकियों के बीच ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हमलों की नई धमकियों के बाद ईरान ने कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयर बेस सहित पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य लक्ष्यों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हालांकि कुवैत ने हमलों को रोका और संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जिम्मेदारी लेते हुए पिछले अमेरिकी बमबारी के परिणामस्वरूप हुई मौतों का बदला लेने की शपथ ली। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि किसी भी अमेरिकी सैन्य लक्ष्य को नुकसान नहीं पहुंचा है, हालांकि क्षेत्रीय सहयोगियों ने व्यापक संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की, जिससे व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का बढ़ता जोखिम उजागर होता है।
मुख्य बिंदु
- ईरान ने कुवैत सहित पूरे पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
- Islamic Revolutionary Guard Corps ने पूर्व के अमेरिकी हवाई हमलों के परिणामस्वरूप हुई मौतों के लिए प्रतिशोध और बदला लेने की शपथ ली।
- U.S. Central Command ने कहा कि अमेरिकी सैन्य लक्ष्य प्रभावित नहीं हुए हैं, जो सफल हमलों के ईरानी दावों के विपरीत है।
- क्षेत्रीय देशों और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों ने संघर्ष के खतरनाक रूप से फैलने के खिलाफ चेतावनी दी है और राजनयिक स्तर पर तनाव कम करने की मांग की है।
परीक्षा तथ्य
- कुवैत में लक्षित सुविधा अहमद अल-जाबेर एयर बेस थी।
- U.S. Central Command (CENTCOM) ने अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को कोई नुकसान न होने की पुष्टि की।
- छह महीने की नए सिरे से तनाव की अवधि को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है।
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