सरकार मांग-आपूर्ति की निगरानी के लिए पाक्षिक चीनी आवंटन प्रणाली शुरू करेगी
भारतीय सरकार सितंबर से पाक्षिक चीनी आवंटन प्रणाली लागू करेगी, जो वर्तमान मासिक कोटा को प्रतिस्थापित करेगी। इस बदलाव का उद्देश्य मांग-आपूर्ति की स्थिति की निगरानी में सुधार करना, कृत्रिम कमी को रोकना और बेची गई चीनी का तुरंत प्रेषण सुनिश्चित करना है। यह निर्णय इस बात से प्रेरित था कि कई मिलों के पास घोषित से अधिक स्टॉक था और आवंटित से कम बेचा गया था। नई प्रणाली के तहत, मिलों को पहले सप्ताह में अपने आवंटन का कम से कम 40% और शेष दूसरे सप्ताह में बेचना होगा, जिसमें पेराई 15 अक्टूबर को शुरू होने वाली है।
मुख्य बिंदु
- केंद्र सितंबर से मासिक चीनी कोटा प्रणाली को पाक्षिक आवंटन प्रणाली से बदल देगा।
- नई प्रणाली का उद्देश्य मांग-आपूर्ति की बारीकी से निगरानी करना, कृत्रिम कमी को रोकना और चीनी का समय पर प्रेषण सुनिश्चित करना है।
- यह निर्णय मिलों द्वारा अघोषित स्टॉक रखने और आवंटित कोटे से कम बेचने से प्रभावित था।
- मिलों को पहले सप्ताह में अपने आवंटन का कम से कम 40% और शेष अगले सप्ताह में बेचना होगा।
- चीनी पेराई कार्य 15 अक्टूबर को शुरू होने वाला है, जिसमें अक्टूबर और नवंबर में महत्वपूर्ण उत्पादन की उम्मीद है।
परीक्षा तथ्य
- नई प्रणाली की शुरुआत: सितंबर।
- आवंटन नियम: पहले सप्ताह में 40%, दूसरे में शेष।
- पेराई की शुरुआत: October 15।
- अपेक्षित उत्पादन: अक्टूबर में 10 लाख टन, नवंबर में 45 लाख टन।
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