भारत ने जातीय, धार्मिक समूहों के खिलाफ मानवाधिकारों के हनन के UN समिति के आरोपों को खारिज किया
भारत ने देश में विभिन्न जातीय और धार्मिक समूहों के खिलाफ भेदभाव और मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाने वाली एक UN समिति की रिपोर्ट को खारिज कर दिया। UN Committee on the Elimination of Racial Discrimination ने Scheduled Tribes, Scheduled Castes और Rohingya refugees के बारे में चिंताओं को उठाया, और "घृणा अपराधों" के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने रिपोर्ट को "राजनीतिक रूप से प्रेरित" और "अत्यधिक दुर्भावनापूर्ण" बताते हुए खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि भारत के संवैधानिक सुरक्षा उपाय, कानूनी ढांचा और बहुलवाद वंचित समुदायों की रक्षा करते हैं। भारत स्थापित प्रक्रियाओं के माध्यम से टिप्पणियों का औपचारिक रूप से जवाब देगा।
मुख्य बिंदु
- भारत ने जातीय और धार्मिक समूहों के खिलाफ भेदभाव और मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाने वाली एक UN समिति की रिपोर्ट को खारिज कर दिया।
- UN समिति ने Scheduled Tribes, Scheduled Castes और Rohingya refugees के बारे में चिंताओं को उठाया।
- भारत के विदेश मंत्रालय ने रिपोर्ट को "राजनीतिक रूप से प्रेरित" और "अत्यधिक दुर्भावनापूर्ण" बताया।
- भारत ने वंचित समुदायों की रक्षा में अपने संवैधानिक सुरक्षा उपायों, मजबूत कानूनी ढांचे और बहुलवाद पर जोर दिया।
परीक्षा तथ्य
- UN Committee on the Elimination of Racial Discrimination ने रिपोर्ट जारी की।
- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने यह बयान दिया।
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