अध्ययन में पाया गया कि यूरोपीय उपनिवेशवादियों ने दक्षिण अमेरिका में चेचक का परिचय दिया

वैज्ञानिकों ने प्रत्यक्ष आणविक साक्ष्य पाए हैं जो पुष्टि करते हैं कि यूरोपीय उपनिवेशवादियों ने दक्षिण अमेरिका में चेचक का परिचय दिया। शोधकर्ताओं ने चिली में मानव अवशेषों से पहले प्राचीन चेचक जीनोम बरामद किए, जिसमें अब विलुप्त हो चुकी एक वंशावली से संबंधित उपभेद सामने आए जो लगभग 1296 में यूरोपीय उपभेदों से अलग हो गए थे। विश्लेषण से पता चला कि वायरस 16वीं शताब्दी के मध्य तक मानव मेजबानों के अनुकूल हो गया, फिर 200 वर्षों तक स्थिर रहा। यह खोज इस बात का ठोस प्रमाण प्रदान करती है कि उपनिवेशवादियों द्वारा लाई गई चेचक ने अमेरिका में स्वदेशी आबादी को कैसे तबाह कर दिया।

मुख्य बिंदु

  • प्रत्यक्ष आणविक साक्ष्य पुष्टि करते हैं कि यूरोपीय उपनिवेशवादियों ने दक्षिण अमेरिका में चेचक का परिचय दिया।
  • चिली में मानव अवशेषों से प्राचीन चेचक जीनोम बरामद किए गए।
  • उपभेद एक विलुप्त वंशावली से संबंधित थे जो लगभग 1296 में यूरोपीय उपभेदों से अलग हो गए थे।
  • वायरस 16वीं शताब्दी के मध्य तक मानव मेजबानों के अनुकूल हो गया और 200 वर्षों तक स्थिर रहा।
  • यह खोज स्वदेशी आबादी पर चेचक के ऐतिहासिक प्रभाव का ठोस प्रमाण प्रदान करती है।

परीक्षा तथ्य

  • अवशेषों का स्थान: चिली, दक्षिण अमेरिका।
  • वायरस: चेचक (Smallpox)।
  • वंशावली विचलन: लगभग 1296।
  • अनुकूलन अवधि: 16वीं शताब्दी के मध्य तक।

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