विशेष आवश्यकता वाली परित्यक्त राजस्थानी लड़की को फ्रांसीसी मां ने गोद लिया
राजस्थान के दौसा में तीन साल पहले एक मंदिर के पास छोड़ी गई विशेष आवश्यकता वाली एक लड़की को फ्रांस की एक अकेली मां ने गोद लिया है। यह जिले में एक सरकारी एजेंसी द्वारा सुगम बनाया गया पहला अंतर-देशीय गोद लेना है। गोद लेने की प्रक्रिया Central Adoption Resource Authority (CARA) के माध्यम से की गई थी और Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015 के तहत सभी कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। जिला कलेक्टर और अन्य अधिकारियों ने भावनात्मक विदाई दी, जिसमें अनुवर्ती रिपोर्टों की आवश्यकता और बच्चे के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मुख्य बिंदु
- राजस्थान के दौसा की विशेष आवश्यकता वाली एक लड़की को फ्रांस की एक अकेली मां ने गोद लिया।
- यह जिले में एक सरकारी एजेंसी द्वारा सुगम बनाया गया पहला अंतर-देशीय गोद लेना है।
- गोद लेने की प्रक्रिया Central Adoption Resource Authority (CARA) के माध्यम से की गई थी।
- Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015, और CARA दिशानिर्देशों का पालन किया गया।
- विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए परिवार ढूंढना एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।
परीक्षा तथ्य
- स्थान: दौसा, राजस्थान।
- एजेंसी: Central Adoption Resource Authority (CARA)।
- अधिनियम: Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015 (संशोधित 2022)।
- जिला कलेक्टर: Saumya Jha।
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