रिजर्व के बाहर बाघों के साथ सह-अस्तित्व: मानव-बाघ सह-अस्तित्व के लिए भारत की नई पहल

भारत की बाघ संरक्षण सफलता के कारण संरक्षित क्षेत्रों के बाहर रहने वाले बाघों की संख्या बढ़ रही है, जिससे एक नया संरक्षण मोर्चा बन रहा है। यह फैलाव मानव-बाघ संघर्ष को बढ़ाता है, जिससे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को Tigers Outside Tiger Reserves (TOTR) पहल शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया है। TOTR का उद्देश्य मानव जीवन की सुरक्षा करते हुए रिजर्व के बाहर बाघों के संरक्षण के लिए एक वैज्ञानिक रूप से आधारित, लैंडस्केप-आधारित ढांचा स्थापित करना है। यह प्रतिक्रियाशील संकट प्रबंधन से एक सक्रिय दृष्टिकोण की ओर बढ़ता है, जो प्रौद्योगिकी, तैयारी और सामुदायिक भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें नौ राज्यों के 40 वन प्रभागों में पायलट परियोजनाएं शामिल हैं।

मुख्य बिंदु

  • भारत की बाघों की आबादी में वृद्धि के कारण संरक्षित क्षेत्रों के बाहर बड़ी संख्या में बाघ रह रहे हैं।
  • यह फैलाव मानव-बाघ संघर्ष को बढ़ाता है, जिससे नई संरक्षण रणनीतियों की आवश्यकता होती है।
  • Tigers Outside Tiger Reserves (TOTR) पहल का उद्देश्य सक्रिय, विज्ञान-आधारित मानव-बाघ सह-अस्तित्व है।
  • TOTR संघर्ष को कम करने, क्षेत्र संरक्षण को मजबूत करने और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
  • यह पहल नौ राज्यों के 40 वन प्रभागों में पायलट की जा रही है, जिसमें प्रौद्योगिकी और संस्थागत क्षमता पर जोर दिया गया है।

परीक्षा तथ्य

  • Project Tiger 1973 में शुरू किया गया।
  • बाघों की आबादी 1,411 (2006) से बढ़कर 3,682 (2022) हो गई।
  • भारत की बाघों की आबादी का 35-40% नामित Tiger Reserves के बाहर रहता है।
  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने TOTR पहल शुरू की।

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