पश्चिम बंगाल सरकार ने 28 लंबित CAG रिपोर्टें पेश कीं, पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर "संवैधानिक चूक" का आरोप लगाया
पश्चिम बंगाल की नई BJP सरकार ने विधानसभा में 28 लंबे समय से लंबित Comptroller and Auditor General (CAG) रिपोर्टें पेश कीं, जिनमें वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक शामिल हैं। राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर इन रिपोर्टों को पहले प्रस्तुत न करने के लिए "संवैधानिक चूक" का आरोप लगाया। निष्कर्षों पर चर्चा करने के लिए एक विशेष विधानसभा सत्र की योजना बनाई गई है, जिसमें Swasthya Sathi स्वास्थ्य बीमा योजना में कमियाँ शामिल हैं, जैसे निजी अस्पतालों को अधिक भुगतान, और Cyclone Amphan राहत कार्यों में अनियमितताएँ, जैसे क्षति के अत्यधिक आकलन और लाभार्थियों को कई भुगतान। इन रिपोर्टों से राज्य के वित्त की "वास्तविक तस्वीर" सामने आने और पश्चिम बंगाल पर ₹8 लाख करोड़ से अधिक के ऋण बोझ के कारणों को स्पष्ट करने की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु
- पश्चिम बंगाल की BJP सरकार ने विधानसभा में 28 लंबित CAG रिपोर्टें पेश कीं, जिनमें वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक शामिल हैं।
- वित्त मंत्री ने पिछली TMC सरकार पर इन रिपोर्टों को पहले पेश न करने के लिए "संवैधानिक चूक" का आरोप लगाया।
- CAG रिपोर्टों में Swasthya Sathi स्वास्थ्य बीमा योजना में कमियाँ और Cyclone Amphan राहत एवं बहाली कार्यों में अनियमितताएँ उजागर की गईं।
- निष्कर्षों पर चर्चा करने के लिए एक विशेष विधानसभा सत्र बुलाया जाएगा, जिससे राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति और उसके ऋण बोझ के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
परीक्षा तथ्य
- पश्चिम बंगाल विधानसभा में 28 लंबित CAG रिपोर्टें पेश की गईं।
- रिपोर्टें वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक कवर करती हैं।
- राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता हैं।
- पश्चिम बंगाल पर ₹8 लाख करोड़ से अधिक का ऋण बोझ बताया गया है।
- उल्लिखित योजनाएँ: Swasthya Sathi, Cyclone Amphan राहत।
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