Jaishankar ने East Asia Summit में सुरक्षित, अबाधित वैश्विक जलमार्गों की वकालत की
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने मनीला में 21वें East Asia Summit में जोर दिया कि वैश्विक समुद्री चैनल सुरक्षित और अबाधित रहने चाहिए, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह से पालन करते हों। उन्होंने नाविकों और नागरिक शिपिंग पर हमलों की निंदा की, वैश्विक व्यवस्था को "अनिश्चित और अस्थिर" बताया। Jaishankar ने पश्चिम एशिया/खाड़ी संघर्ष को हल करने के लिए संवाद और म्यांमार के नागरिक संघर्ष के लिए एक राजनीतिक समाधान का भी आह्वान किया। उन्होंने South China Sea पर भारत के रुख को दोहराया, एक कानूनी रूप से बाध्यकारी Code of Conduct का समर्थन किया, और "आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता" पर जोर दिया, cyber-scam केंद्रों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई और Israel-Palestine संकट के लिए दो-राज्य समाधान की वकालत की।
मुख्य बिंदु
- विदेश मंत्री S. Jaishankar ने East Asia Summit में सुरक्षित और अबाधित वैश्विक समुद्री चैनलों के महत्व पर जोर दिया।
- उन्होंने नाविकों और नागरिक शिपिंग पर हमलों की निंदा की और पश्चिम एशिया/खाड़ी और म्यांमार में संघर्षों को हल करने के लिए संवाद का आह्वान किया।
- भारत UNCLOS 1982 के अनुरूप South China Sea के लिए एक कानूनी रूप से बाध्यकारी Code of Conduct का समर्थन करता है।
- Jaishankar ने भारत की "आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता" को दोहराया और cyber-scam केंद्रों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की वकालत की।
परीक्षा तथ्य
- विदेश मंत्री S. Jaishankar ने मनीला में 21वें East Asia Summit (EAS) में भाग लिया।
- भारत UNCLOS 1982 के पूरी तरह से अनुरूप South China Sea के लिए एक ठोस, प्रभावी और कानूनी रूप से बाध्यकारी Code of Conduct (CoC) के निष्कर्ष का समर्थन करता है।
- भारत कोच्चि में समुद्री सुरक्षा सहयोग पर सातवें EAS सम्मेलन और लोथल में एक EAS Maritime Heritage Festival की मेजबानी करेगा।
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