भारत में पहली बार घातक PABV-4 पक्षी वायरस की पहचान की गई, लुप्तप्राय गिद्धों को खतरा
Psittacine Adenovirus (PABV-4) नामक एक घातक पक्षी वायरस की भारत में पहली बार पहचान की गई है, जो लुप्तप्राय गिद्धों की आबादी के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा कर रहा है। Bombay Natural History Society (BNHS) और Indian Veterinary Research Institute (IVRI) के शोधकर्ताओं ने Haryana के Pinjore Conservation Breeding Centre में मृत और आनुवंशिक रूप से बीमार गिद्धों में वायरस पाया। PABV-4 गंभीर gastrointestinal और respiratory diseases का कारण बनता है, जिससे psittacine पक्षियों में उच्च मृत्यु दर होती है और इसे विश्व स्तर पर अन्य पक्षी प्रजातियों में भी रिपोर्ट किया गया है। यह खोज गंभीर रूप से लुप्तप्राय गिद्ध प्रजातियों की रक्षा के लिए निगरानी और संरक्षण प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है, जो ecosystem health के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य बिंदु
- Psittacine Adenovirus (PABV-4), एक घातक पक्षी वायरस, भारत में पहली बार पाया गया है।
- यह वायरस Haryana के Pinjore Conservation Breeding Centre में लुप्तप्राय गिद्धों में पाया गया।
- PABV-4 गंभीर gastrointestinal और respiratory diseases का कारण बनता है और इसमें उच्च मृत्यु दर होती है, विशेष रूप से psittacine पक्षियों में।
- यह खोज भारत में गंभीर रूप से लुप्तप्राय गिद्ध प्रजातियों के लिए उन्नत निगरानी और संरक्षण रणनीतियों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।
परीक्षा तथ्य
- वायरस का नाम: Psittacine Adenovirus (PABV-4)।
- खोज का स्थान: Pinjore Conservation Breeding Centre, Haryana।
- अनुसंधान संस्थान: Bombay Natural History Society (BNHS) और Indian Veterinary Research Institute (IVRI)।
- प्रभावित प्रजातियां: गिद्ध (लुप्तप्राय)।
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