भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा संबंधों में रणनीतिक चमक: एक बहुआयामी साझेदारी में विकसित होना

भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा सहयोग पारंपरिक हथियारों से परे नवाचार-संचालित साझेदारी में तेजी से विकसित हो रहा है। उच्च-स्तरीय यात्राओं से प्रेरित होकर, इसमें संयुक्त विनिर्माण (K9 Vajra-T), पनडुब्बी सहयोग (lithium-ion battery, AIP tech), एयरोस्पेस (KF-21, FA-50), जहाज निर्माण और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं। प्रस्तावित KIND-X एक्सीलरेटर का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना है। साझा सुरक्षा चिंताओं और भू-राजनीतिक स्थिरता पर आधारित यह साझेदारी, हिंद-प्रशांत में उभरते खतरों को संबोधित करना चाहती है, जिसमें उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमताएं, चीन की नौसैनिक मुखरता और दक्षिण कोरिया की जनसांख्यिकीय चुनौतियां शामिल हैं। यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए औद्योगिक संबंधों से परे एक व्यापक रणनीतिक अभिसरण की ओर बढ़ने पर जोर देता है।

मुख्य बिंदु

  • भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा सहयोग एक बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी में विस्तार कर रहा है।
  • सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त विनिर्माण (K9 Vajra-T), पनडुब्बी प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस और जहाज निर्माण शामिल हैं।
  • प्रस्तावित Korea-India Defence Accelerator (KIND-X) का उद्देश्य रक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना है।
  • यह साझेदारी हिंद-प्रशांत में साझा क्षेत्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं और भू-राजनीतिक स्थिरता से प्रेरित है।
  • यह उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम, चीन की नौसैनिक मुखरता और दक्षिण कोरिया की जनसांख्यिकीय चुनौतियों जैसे खतरों को संबोधित करना चाहती है।

परीक्षा तथ्य

  • भारतीय रक्षा मंत्री ने सियोल का दौरा किया (मई 19-21)।
  • K9 Vajra-T कार्यक्रम एक प्रमुख संयुक्त विनिर्माण परियोजना है।
  • KF-21 फाइटर और FA-50 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट एयरोस्पेस सहयोग के क्षेत्र हैं।
  • नवाचार के लिए Korea-India Defence Accelerator (KIND-X) प्रस्तावित है।

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