चीन-पाकिस्तान अंतरिक्ष सहयोग रणनीतिक निहितार्थों के साथ गहरा होता है
चीन और पाकिस्तान के बीच 'हर मौसम की दोस्ती' उनके गहरे अंतरिक्ष सहयोग में तेजी से परिलक्षित होती है, जो इस्लामाबाद को रणनीतिक लाभ प्रदान करती है। चीन ने कई पाकिस्तानी उपग्रहों, जिनमें संचार और रिमोट-सेंसिंग उपग्रह शामिल हैं, को लॉन्च करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और 2026 तक एक पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री को अपने Tiangong अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजने की योजना बना रहा है। पाकिस्तान चीन के BeiDou Navigation Satellite System (BDS) का भी उपयोग करता है, जो आपदा राहत, शहरी नियोजन और पर्यावरण प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण उच्च-सटीकता जानकारी प्रदान करता है। इस दोहरे उपयोग वाली अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के महत्वपूर्ण रक्षा निहितार्थ हैं, जो पाकिस्तान की नेविगेशन और दूरसंचार क्षमताओं को बढ़ाते हैं।
मुख्य बिंदु
- चीन और पाकिस्तान ने अपने अंतरिक्ष सहयोग को काफी गहरा किया है, जो उनकी 'हर मौसम की दोस्ती' को दर्शाता है और पाकिस्तान को रणनीतिक लाभ प्रदान करता है।
- चीन ने पिछले दो दशकों में कई पाकिस्तानी उपग्रहों, जिनमें संचार और रिमोट-सेंसिंग उपग्रह शामिल हैं, को लॉन्च किया है।
- इस सहयोग के हिस्से के रूप में एक पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री 2026 तक चीन के Tiangong अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाला है।
- पाकिस्तान चीन के BeiDou Navigation Satellite System (BDS) का उपयोग करता है, जिससे नेविगेशन, दूरसंचार और आपदा राहत में इसकी क्षमताओं में वृद्धि होती है।
- इस साझेदारी में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की दोहरे उपयोग वाली प्रकृति के पाकिस्तान के लिए उल्लेखनीय रक्षा निहितार्थ हैं।
परीक्षा तथ्य
- चीन ने 1990 में पाकिस्तान का पहला उपग्रह, Badr-I, लॉन्च किया था।
- एक पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री 2026 तक Tiangong अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाला है।
- पाकिस्तान 2014 में चीन के BeiDou Navigation Satellite System (BDS) का उपयोग करने वाला पहला विदेशी देश बना।
- चीन ने 2024 में पाकिस्तान का ICUBE-Q lunar CubeSat और 2025 में कई रिमोट-सेंसिंग उपग्रह (PRSS-1, PRSS-2, PRSC-EO1) लॉन्च किए।
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