पीएम मोदी ने महिला आरक्षण अधिनियम की सराहना की, 2029 चुनावों तक कार्यान्वयन के लिए संवाद की मांग की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Women's Reservation Act, 2023 को "21वीं सदी के सबसे महान निर्णयों" में से एक बताया, जो महिला सशक्तिकरण को समर्पित है। उन्होंने "संवाद, सहयोग और भागीदारी" के माध्यम से 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले इसके कार्यान्वयन की उम्मीद जताई। सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित हैं। इसके कार्यान्वयन के लिए संशोधनों पर विचार करने के लिए 16-18 अप्रैल को विशेष सत्र निर्धारित किए गए हैं। पीएम ने विपक्ष द्वारा 2029 की समय-सीमा पर जोर देने को स्वीकार किया और कहा कि सरकार संवैधानिक विशेषज्ञों के साथ नए रास्ते तलाश रही है।
मुख्य बिंदु
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण के लिए एक बड़े कदम के रूप में Women's Reservation Act, 2023 के महत्व पर जोर दिया।
- उन्होंने सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले इसके कार्यान्वयन के लिए आशा व्यक्त की।
- यह अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण अनिवार्य करता है।
- अधिनियम के कार्यान्वयन के लिए संशोधनों पर विचार करने के लिए विशेष संसदीय सत्र निर्धारित किए गए हैं।
- पीएम ने 2029 की समय-सीमा के लिए विपक्ष की मांग को स्वीकार किया और पुष्टि की कि सरकार संवैधानिक विशेषज्ञों से परामर्श कर रही है।
परीक्षा तथ्य
- अधिनियम का नाम: Nari Shakti Vandan Adhiniyam, 2023।
- पारित हुआ: सितंबर 2023 में।
- आरक्षण: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें।
- विशेष सत्र निर्धारित: 16, 17 और 18 अप्रैल के लिए।
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