श्रीलंका के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबोया, पश्चिम एशियाई संघर्ष बढ़ा
एक अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट पर ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को टॉरपीडो से डुबो दिया, जिससे पश्चिम एशियाई संघर्ष भारतीय उपमहाद्वीप के करीब आ गया। इस हमले में 83 लोगों की मौत हो गई, जबकि श्रीलंकाई नौसेना ने 32 नाविकों को बचाया। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने हमले की पुष्टि करते हुए इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद टॉरपीडो द्वारा "दुश्मन के जहाज को पहली बार डुबोना" बताया। ईरानी फ्रिगेट विशाखापत्तनम में International Fleet Review 2026 से लौट रहा था। श्रीलंका ने बढ़ती शत्रुता पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसमें शामिल सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया।
मुख्य बिंदु
- एक अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena पर हमला कर उसे डुबो दिया, जिससे पश्चिम एशियाई संघर्ष में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई।
- इस घटना में 83 लोगों की मौत हुई, जबकि श्रीलंकाई नौसेना ने 32 नाविकों के लिए बचाव अभियान चलाया।
- अमेरिकी रक्षा सचिव ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुश्मन के जहाज को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना थी।
- ईरानी पोत भारत में एक वैश्विक समुद्री अभ्यास से लौट रहा था, जो संघर्ष के क्षेत्रीय निहितार्थों को उजागर करता है।
- श्रीलंका ने पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ती शत्रुता पर गहरी चिंता व्यक्त की है और अधिकतम संयम बरतने का आह्वान किया है।
परीक्षा तथ्य
- डूबा हुआ ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena था, जो जून 2021 में कमीशन किया गया एक Moudge Class Frigate था।
- यह घटना श्रीलंका के Galle से लगभग 40 समुद्री मील दूर हुई।
- यह जहाज विशाखापत्तनम में आयोजित International Fleet Review 2026 से लौट रहा था।
- अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने हमले की पुष्टि की।
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